विदेश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मिलेई द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने पर सहमत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत और अर्जेंटीना ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने और रक्षा, अहम खनिज, दवा, ऊर्जा तथा खनन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर शनिवार को सहमति जताई।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ब्यूनस आयर्स, छह जुलाई भारत और अर्जेंटीना ने द्विपक्षीय व्यापार में विविधता लाने और रक्षा, अहम खनिज, दवा, ऊर्जा तथा खनन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर शनिवार को सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने पांच देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में इस दक्षिण अमेरिकी देश पहुंचने के एक दिन बाद अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के साथ व्यापक बातचीत की। हालांकि मोदी वर्ष 2018 में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अर्जेंटीना गए थे लेकिन यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यहां की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।

बैठक में प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत को मजबूत समर्थन देने के लिए राष्ट्रपति मिलेई का आभार व्यक्त किया।

मोदी ने बैठक के बाद ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हम भारत-अर्जेंटीना के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने तथा अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने के पांच वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों में अहम प्रगति की है और इम इसके और आगे जाने के प्रति आशावान है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि औषधि और खेल जैसे क्षेत्रों में भी भारत और अर्जेंटीना के बीच सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्वी) पेरियासामी कुमारन ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि अर्जेंटीना के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अर्जेंटीना स्वाभाविक साझेदार हैं तथा दोनों पक्षों को इसका उपयोग सहयोग को और बढ़ाने के लिए करना चाहिए।

महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने संबंधी दोनों पक्षों का संकल्प इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत चीन पर निर्भरता कम करने के लिए दुर्लभ खनिजों की निरंतर आपूर्ति पर विचार कर रहा है।

कुमारन ने कहा कि अर्जेंटीना के लिथियम, तांबा और दुर्लभ खनिजों सहित महत्वपूर्ण खनिजों के समृद्ध भंडार भारत की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षित और टिकाऊ संसाधनों की आवश्यकता के अनुरूप हैं।

मोदी और मिलेई ने ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया।

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