देश की खबरें | प्रधानमंत्री ने ‘काशी तमिल संगमम’ का उद्घाटन किया, कहा - सरकारी योजनाओं ने गरीबों का सशक्तिकरण किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के ‘गरीबी हटाओ’ नारे पर तंज करते हुए रविवार को कहा कि नारा लगाना अलग बात है लेकिन प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला रसोई गैस सिलिंडर पाने के बाद अब देश के गरीब यह कहते हैं कि अमीर और गरीब का भेद मिट गया है।
वाराणसी (उप्र), 17 दिसंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के ‘गरीबी हटाओ’ नारे पर तंज करते हुए रविवार को कहा कि नारा लगाना अलग बात है लेकिन प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला रसोई गैस सिलिंडर पाने के बाद अब देश के गरीब यह कहते हैं कि अमीर और गरीब का भेद मिट गया है।
मोदी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन द्वितीय ‘काशी-तमिल संगमम’ कार्यक्रम की शुरुआत की और कहा कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को लगातार मजबूत कर रहा है और तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है महादेव के एक घर से उनके दूसरे घर में आना।
मोदी ने कटिंग मेमोरियल मैदान में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्बोधित किया और कांग्रेस के ‘गरीबी हटाओ’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘गरीबी हटाओ का नारा तो अलग बात है लेकिन अब एक बहन ने कहा कि गरीब और अमीर का भेद मिट गया है। जब एक गरीब कहता है कि मेरे घर में गैस का चूल्हा आते ही गरीबी और अमीरी का भेद खत्म हो गया है। उस संतोष की बात ही कुछ और है।’’
उन्होंने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि देश का काम करार दिया और कहा कि यह यात्रा सरकार द्वारा चलायी जा रही परियोजनाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया जानने का अवसर है। साथ ही यह यात्रा खुद उनके लिये भी एक कसौटी और परीक्षा है कि जो उन्होंने कहा था, वह वास्तव में जनता तक पहुंच भी रहा है या नहीं।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आह्वान किया कि वे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का मिजाज बनाएं। सुविधाओं से वंचित लोगों को जब योजनाओं की सारी जानकारी मिलती है तो उनको लगता है कि यही समय है हम भी कुछ करें। जब 140 करोड़ लोगों के मन में यह लगता है कि यही समय है, तब देश आगे बढ़ के रहेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना हर देशवासी के मन में उसी तरह पलना चाहिये जैसे कि आजादी की दीवानगी उस वक्त लोगों के मन में बस गयी थी। उस वक्त हिन्दुस्तान का हर व्यक्ति कहने लगा था कि वह आजादी के लिये काम कर रहा है। पूरे देश में जब यह माहौल बन गया था और देश उठ खड़ा हुआ था, तब अंग्रेजों को देश से भागना पड़ा था।
मोदी ने कहा, ‘‘अगर इस समय 140 करोड़ देशवासी इसी मिजाज से बढ़ जाएं कि अब हमें देश को आगे ले जाना है, तो हर एक की जिंदगी बदलनी ही है। एक बार मन में यह बीज रहेगा तो 2047 में भारत विकसित राष्ट्र बन जाएगा। मन बन जाता है तो मंजिल दूर नहीं होती।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘विकसित भारत संकल्प यात्रा एक प्रकार से देश का काम है। यह किसी राजनीतिक दल का काम नहीं है। मैं मानता हूं जो इस काम को करता है वह बहुत पवित्र काम करता है। जो दूर से देख रहा है या अखबार में पढ़ रहा है उसे समझना चाहिए कि मेरी गाड़ी छूट रही है। मैं मौका छोड़ रहा हूं।’’
बाद में प्रधानमंत्री ने नमो घाट से ‘काशी तमिल संगमम’ के दूसरे संस्करण का आरंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘काशी तमिल संगमम ऐसा अविरल प्रवाह है जो एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को लगातार मजबूत कर रहा है। यही प्रवाह है आज हमारे राष्ट्र की आत्मा को सींच रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आदि शंकराचार्य और रामानुजाचार्य जैसे संतों ने भारत को एकजुट किया। उन्होंने अपनी यात्राओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना की भावना जागृत की।’’
उन्होंने तमिलनाडु से आए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है महादेव के एक घर से उनके दूसरे घर में आना। तमिलनाडु से काशी आने का मतलब है मदुरई मीनाक्षी के यहां से काशी विशालाक्षी के यहां आना। इसलिए तमिलनाडु और काशीवासियों के बीच हृदय में जो प्रेम है वह अलग भी है और अद्वितीय भी।’’
मोदी ने कहा, ‘‘पिछले वर्ष काशी तमिल संगमम शुरू होने के बाद से ही इस यात्रा से दिनोंदिन लाखों लोग जुड़ रहे हैं। विभिन्न मतों के धर्मगुरु, छात्र, कलाकार, साहित्यकार, शिल्पकार और पेशेवर और न जाने कितने क्षेत्रों के लोगों को इस संगम से आपसी संवाद और संपर्क का एक प्रभावी मंच मिला है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम भारतवासी एक होते हुए भी बोली, , वेशभूषा खान-पान और रहन-सहन सहित कितनी ही विविधताओं से भरे हुए हैं। भारत की यह विविधता उस आध्यात्मिक चेतना में रची बसी है जिसके लिए तमिल में कहा गया है- निलेलाम गंगै, निलमेल्लाम काशी। यह वाक्य महान पांड्य राजा पराक्रम पांडियन का है जिसका अर्थ है कि हर जल गंगाजल है और भारत का हर भूभाग काशी है।’’
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