एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | उच्च न्यायालय द्वारा डीएचजेएस परीक्षा स्थगित करना प्रथम दृष्टया अनुचित: शीर्ष अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (डीएचजेएस) परीक्षा-2022 को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को शुक्रवार को ‘‘प्रथम दृष्टया अनुचित’’ करार दिया, जो 20 मार्च को होने वाली थी।

देश की खबरें | उच्च न्यायालय द्वारा डीएचजेएस परीक्षा स्थगित करना प्रथम दृष्टया अनुचित: शीर्ष अदालत

नयी दिल्ली, 11 मार्च उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (डीएचजेएस) परीक्षा-2022 को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को शुक्रवार को ‘‘प्रथम दृष्टया अनुचित’’ करार दिया, जो 20 मार्च को होने वाली थी।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए डी एन राव से कहा कि वह उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने वाले व्यक्तियों सूचित करें कि वे 12 मार्च को होने वाली परीक्षा के लिए अपने आवेदन फार्म जमा करायें।

पीठ ने दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा (डीजेएसई) से संबंधित एक अन्य याचिका पर अधिवक्ता देविना शर्मा को परीक्षा के लिए अपना आवेदन पत्र जमा करने की अनुमति दी जो कि याचिका के परिणाम के अधीन होगी।

अधिवक्ता ने महामारी की स्थिति और उच्च न्यायालय द्वारा 2020 और 2021 में डीजेएसई न कराने का उल्लेख करते हुए न्यायिक सेवाओं के वास्ते आवेदन करने के लिए 32 वर्ष की आयु सीमा में छूट की मांग की है।

शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय की खंडपीठों के दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री की दो अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई कर रही थी।

उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने जिला न्यायाधीश पद के लिए आवेदन करने के लिए निर्धारित 35 वर्ष की न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 4 मार्च को डीएचजेएस परीक्षा को चार सप्ताह के लिए टाल दिया था। यह परीक्षा 20 मार्च को होने वाली थी। उच्च न्यायालय की एक अन्य खंडपीठ ने 8 मार्च को निर्देश दिया था कि दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा (डीजेएसई), 2022 के लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि को पुनर्निर्धारित किया जाए और परीक्षा स्थगित कर दी जाए। अदालत ने यह आदेश उम्मीदवारों के लिए 32 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा निर्धारण को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।

शीर्ष अदालत ने आदेश में कहा गया, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि याचिकाकर्ताओं (जो डीएचजेएस के लिए न्यूनतम आयु मानदंड 35 वर्ष को उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दे रहे थे) ने अपना आवेदन जमा करने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने आयु में छूट की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया। उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी करते हुए आवेदन करने की तिथि 7 अप्रैल से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।’’

शीर्ष अदालत के आदेश में कहा गया, ‘‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि 1,200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, समय सीमा बढ़ाने और (डीएचजेएस) परीक्षा टालना प्रथम दृष्टया उचित नहीं।’’

इसने उच्च न्यायालय के वकील से उम्मीदवारों को टेलीफोन या ई-मेल द्वारा सूचित करने के लिए कहा कि उन्हें 12 मार्च तक आवेदन भेजना होगा।

डीजेएसई से संबंधित एक अन्य अपील पर पीठ ने कहा, ‘‘पक्षकार (देवीना शर्मा) ने व्यक्तिगत रूप से कहा कि उनकी सीमित प्रार्थना है कि उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। यह कहा जाता है कि 5,700 से अधिक उम्मीदवार पहले ही आवेदन कर चुके हैं।’’

उसने कहा, "...अदालत द्वारा निर्धारित समय-सारिणी को ध्यान में रखते हुए, हम इस मामले की सुनवाई करना और बिना किसी भ्रम और परीक्षा को रोके उसका निस्तारण करना आवश्यक समझते हैं। कुछ समय के लिए, हम प्रतिवादी (देवीना) को आवेदन जमा करने और अंतिम निस्तारण के लिए मंगलवार को मामलों को सूचीबद्ध करने की अनुमति देते हैं।’’

पीठ ने अब मामलों की अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि निर्धारित की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2022 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).