देश की खबरें | रोकथाम के उपायों, रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण दिल्ली में कोविड मामलों में गिरावट: विशेषज्ञ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के नये मामलों, मौतों और संक्रमण की दर में गिरावट के लिए तेजी से किये गये रोकथाम के उपायों, आबादी के एक हिस्से के रोग प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने और बाहर के रोगियों की कम संख्या को श्रेय दिया जा सकता है।

नयी दिल्ली, 22 जनवरी विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के नये मामलों, मौतों और संक्रमण की दर में गिरावट के लिए तेजी से किये गये रोकथाम के उपायों, आबादी के एक हिस्से के रोग प्रतिरोधक क्षमता हासिल करने और बाहर के रोगियों की कम संख्या को श्रेय दिया जा सकता है।

इनमें से कुछ ने हालांकि कहा कि ‘‘वास्तविक स्थिति का पता लगाना’’ कठिन है क्योंकि हल्के लक्षण वाले कई लोगों की जांच नहीं हुई हैं।

दिल्ली के सबसे बड़े स्वास्थ्य केन्द्र लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि बड़े स्तर पर जांच और संपर्कों का पता लगाने से अधिकारी कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में समर्थ हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में अब तक एक करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की गई है। औसतन 60 हजार से 70 हजार जांच प्रतिदिन की जाती हैं। इसके प्रबंधन और नियोजन के लिए दिल्ली सरकार को श्रेय दिया जाना चाहिए।’’

कुमार ने हालांकि कहा कि क्या दिल्ली में सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी हर्ड इम्युनिटी को हासिल कर लिया गया है, यह नये सीरोलॉजिकल सर्वेक्षण के परिणाम आने के बाद स्पष्ट होगा।

राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, दिल्ली में कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ अजीत जैन के अनुसार, शायद दिल्ली पहले ही हर्ड इम्युनिटी हासिल कर चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगस्त में किए गए सीरोलॉजिकल-सर्वेक्षण में पाया गया था कि शहर के 29.1 प्रतिशत निवासियों ने कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित की है। इसके अलावा, 35 फीसदी आबादी 18 वर्ष से कम आयु की है और यह लगभग रोग प्रतिरोधक क्षमता जैसा है।’’

डा जैन ने कहा कि एक अन्य कारण यह है कि दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन के कारण शहर एक ‘‘स्वाभाविक निरूद्ध क्षेत्र’’ बन गया है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले, पड़ोसी राज्यों के बड़ी संख्या में कोविड -19 के मरीज इलाज के लिए दिल्ली आ रहे थे। चल रहे आंदोलन के कारण यात्रा में कठिनाई के कारण यह संख्या काफी हद तक कम हो गई है।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभाग में निदेशक और प्रोफेसर डा.सुनीला गर्ग ने कहा कि कोविड-19 के नये मामलों और मौत के मामलों में गिरावट की प्रवृत्ति का कारण यह हो सकता है कि दिल्ली की आबादी के एक हिस्से ने रोग प्रतिरोधक क्षमता हासिल कर ली है।

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