देश की खबरें | राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री, ओडिशा के मुख्यमंत्री ने नुआखाई पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

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भुवनेश्वर/संबलपुर, 20 सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक एवं कई केंद्रीय मंत्रियों ने बुधवार को नुआखाई पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। नुआखाई ओडिशा के पश्चिमी जिलों में मनाया जाने वाला एक कृषि पर्व है।

राष्ट्रपति मुर्मू ओडिशा से हैं। उन्होंने कहा कि नुआखाई भाईचारे और परस्पर सौहार्द का पर्व है। उन्होंने इस अवसर पर देश के लोगों की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नुआखाई के इस पावन अवसर पर ओडिशा की बहनों एवं भाइयों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मां समलेश्वरी शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद दें।’’

पटनायक ने एक संदेश में कहा, ‘‘कृषि पर्व के इस पावन अवसर पर सभी को मेरी बधाई और शुभकामनाएं। मां समलेश्वरी की कृपा से आपका जीवन खुशहाली और समृद्धि से भरा रहे।’’

नुआखाई भाद्रपद या भद्रबा (अगस्त-सितंबर) के महीने में गणेश चतुर्थी के अगले दिन पंचमी तिथि (शुक्ल पक्ष) को मनाया जाता है, जिसमें खेत की पहली फसल देवी समलेश्वरी को अर्पित की जाती है और घरों में लोग बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। यह पर्व मुख्य रूप से संबलपुर, बारगढ़, झारसुगुड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, नुआपाड़ा, नबरंगपुर, देवगढ़, बौध, सोनपुर और सुंदरगढ़ जिलों में मनाया जाता है।

लोग इस अवसर पर अच्छी फसल, अच्छी बारिश और खेती लायक अनुकूल मौसम के लिए अपना आभार जताने को लेकर देवी की पूजा करते हैं।

पहली फसल निर्धारित लग्न (पावन समय : भद्रबा शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि) को सुबह 10 बजकर 27 मिनट और 10 बजकर 42 मिनट के बीच देवी समलेश्वरी को अर्पित की गई। मंदिर के पुजारियों ने परंपरा और रिवाज के अनुसार सुबह पूजा शुरू की। इस अवसर पर देवी समलेश्वरी को नयी साड़ी और आभूषणों से सजाया गया था।

समलेश्वरी मंदिर न्यास बोर्ड के अध्यक्ष संजय बाबू ने कहा कि नुआखाई के अवसर पर हजारों श्रद्धालु देवी का आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं को दोपहर साढ़े 12 बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक समलेश्वरी मंदिर में दर्शन की अनुमति है।

लोगों ने अपने अपने घरों में भी नुआखाई का पर्व मनाया। किसानों ने इस अवसर पर देवी को पहली फसल अर्पित की।

इस पर्व पर घर का मुखिया देवी की पूजा करता है और उन्हें चावल और अन्य खाद्य सामग्री अर्पित करता है।

इसके बाद घर का मुखिया परिवार के सदस्यों में प्रसाद वितरित करता है। यहां तक कि नौकरी के लिए बाहर गए लोग भी परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए नुआखाई के अवसर पर अपने अपने घर लौटते हैं।

इस अवसर पर कई पारंपरिक पकवान भी बनाए जाते हैं।

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