देश की खबरें | गोवा में तृणमूल की हार के लिए प्रशांत किशोर जिम्मेदार, भाजपा को फायदा पहुंचाया: कंडोलकर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तृणमूल कांग्रेस की गोवा इकाई के प्रमुख किरण कंडोलकर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि हाल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की करारी शिकस्त के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जिम्मेदार हैं जिन्होंने कांग्रेस को भी ‘ब्लैकमेल’ करने की कोशिश की।

पणजी, 27 अप्रैल तृणमूल कांग्रेस की गोवा इकाई के प्रमुख किरण कंडोलकर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि हाल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की करारी शिकस्त के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जिम्मेदार हैं जिन्होंने कांग्रेस को भी ‘ब्लैकमेल’ करने की कोशिश की।

कंडोलकर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दावा किया कि किशोर ने अंतत: चुनाव के बाद भाजपा को सरकार बनाने में मदद पहुंचाई।

कंडोलकर के अलावा तृणमूल कांग्रेस के दो अन्य नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया है जो पार्टी के चिह्न पर चुनाव लड़े थे। गोवा में चुनावी हार के बाद फिर से उठने की कोशिश कर रही तृणमूल कांग्रेस के लिए यह एक और झटका है।

गोवा में पहली बार चुनाव में उतरी ममता बनर्जी की पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली।

कंडोलकर ने आरोप लगाया, ‘‘गोवा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की अपमानजनक हार के लिए प्रशांत किशोर जिम्मेदार हैं। वह कांग्रेस को ब्लैकमेल करने के लिए गोवा आये थे और अंतत: उन्होंने भाजपा की एक बार फिर सरकार बनाने में मदद कर दी।’’

हालांकि उन्होंने किशोर के खिलाफ ‘ब्लैकमेल’ के आरोपों पर विस्तार से कुछ नहीं कहा। किशोर ने हाल में कांग्रेस में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

कुछ दिन पहले कंडोलकर की पत्नी कविता कंडोलकर ने भी तृणमूल कांग्रेस छोड़ दी थी और इसके लिए समर्थकों का दबाव होने की बात कही थी।

कविता के इस्तीफे के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस की गोवा इकाई ने ट्वीट किया कि पार्टी तत्काल प्रभाव से गोवा राज्य की पूरी समिति का पुनर्गठन कर रही है।

किरण कंडोलकर इस साल फरवरी में चुनाव से पहले गोवा फॉरवर्ड पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष का पद छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये थे।

कंडोलकर और उनकी पत्नी ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों हार गये।

जब पूछा गया कि क्या उनका तृणमूल कांग्रेस में शामिल होना गलत फैसला था, तो उन्होंने कहा, ‘‘उस समय हमें जो ठीक लगा, हमने किया। इंसान से ही गलती होती है। हमने गलती की थी।’’

सभी विपक्षी दलों से भाजपा को हराने के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हुए कंडोलकर ने कहा कि वह न तो किसी राजनीतिक दल में शामिल होंगे और ना ही कोई नयी पार्टी बनाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा विरोधी वोटों का और विभाजन नहीं करना चाहता।’’

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