देश की खबरें | प्रणय का विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचना पदक से कम नहीं

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नयी दिल्ली, 22 दिसंबर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय के लिये विश्व चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना सामान्य परिस्थितियों में ज्यादा मायने नहीं रखता, लेकिन पिछले तीन वर्षों में वह जिन स्थितियों से गुजरे हैं उसे देखते हुए यह उनके लिये पदक से कम नहीं है।

प्रणय एक साथ दो जंग लड़ रहे थे। एक कोर्ट पर प्रतिद्वंद्वी से और दूसरा अपने शरीर से। विश्व चैंपियनशिप 2018 के दौरान पता चला कि विश्व के पूर्व नंबर आठ खिलाड़ी प्रणय गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (पेट से जुड़ी एक बीमारी) से पीड़ित हैं।

उन्हें इस बीमारी से पार पाने में काफी समय लगा जिसका असर उनके अभ्यास और प्रदर्शन पर पड़ा।

वह अभी इससे उबरे ही थे कि नवंबर 2020 में वह कोरोना वायरस की चपेट में आ गये और फिर वह इस बीमारी के बाद के लक्षणों से जूझते रहे। इससे उनका खेल प्रभावित हुआ और उन्हें वैकल्पिक उपचार का सहारा लेने के लिये मजबूर होना पड़ा।

प्रणय ने पीटीआई से कहा, ‘‘कोविड के बाद मेरे फेफड़ों में सूजन आ गयी और मुझे लगातार खांसी हो रही थी। आप ऐसे में हर चीज को नजरअंदाज नहीं कर सकते जैसे कि मांसपेशियों से जुड़ी कोई चोट।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लगातार दर्द झेला है। जब भी लंबी रैलियां होती हैं, जब आप हांफ रहे होते हैं तो आप अपनी मांसपेशियों पर जोर देने और हवा का प्रवाह बनाये रखने के लिये काम करते हैं। फेफड़े में दर्द से परेशानी होती थी।’’

प्रणय ने कहा, ‘‘फेफड़े में सूजन थी लेकिन दवा की सिफारिश नहीं की गयी थी, केवल प्राकृतिक उपचार ही रास्ता था। इसलिए मैंने सांस संबंधी व्यायाम किये, अपने आहार में बदलाव किये। मैं पेट की समस्या के कारण पहले से ही ऐसा कर रहा था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सांस से संबंधित व्यायाम से मदद मिली। इसने अंतर पैदा किया और मैं 30 से 40 प्रतिशत बेहतर हो गया। मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं।’’

इसका असर उनके प्रदर्शन में देखने को मिला तथा उन्होंने डेनमार्क के ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सेलसन पर मनोबल बढ़ाने वाली जीत दर्ज करके इंडोनेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बनायी थी।

प्रणय ने कहा, ‘‘मैंने सिंतबर से अलग अलग चीजें आजमाने की कोशिश की और मैं अपने खेल में और अपनी शारीरिक स्थिति के अन्य पहलुओं में अंतर देख सकता हूं। मैं अब लंबे मैच खेल सकता हूं।’’

विश्व चैंपियनशिप में प्रणय ने विश्व में नौवें नंबर के एनजी का लोंग एंगुस को हराया और फिर मलेशिया के डेरेन लियु और रासमस गेमके को पराजित किया। वह क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के लोह कीन ऐव से हार गये जो बाद में चैंपियन बने।

प्रणय ने कहा, ‘‘यह मुश्किल ड्रा था। मैंने शुरुआती कुछ दौर में अच्छे मैच खेले। निचले हॉफ में ड्रा कड़ा था और वहां से पदक जीतना आसान नहीं था लेकिन मैं क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा और मुझे उस पर गर्व है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी योजना इंडिया ओपन और सैयद मोदी इंटरनेशनल में खेलने की है लेकिन मेरा मुख्य लक्ष्य पेरिस ओलंपिक 2024 है।’’

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