देश की खबरें | सिसोदिया के समर्थन में पोस्टर: पुलिस स्कूल प्रधानाचार्य व एसएमसी समन्वयक से करेगी पूछताछ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली पुलिस पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समर्थन में एक सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर चिपकाए गए पोस्टर को लेकर उसके प्रधानाचार्य और प्रबंधन समिति की समन्वयक से पूछताछ करेगी।
नयी दिल्ली, पांच मार्च दिल्ली पुलिस पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समर्थन में एक सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर चिपकाए गए पोस्टर को लेकर उसके प्रधानाचार्य और प्रबंधन समिति की समन्वयक से पूछताछ करेगी।
सिसोदिया के समर्थन में पोस्टर चिपकाने के आरोप में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की समन्वयक गज़ाला के खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सिसोदिया को शराब नीति में कथित घोटाले के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने मंगलवार को कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जांच के तहत हम स्कूल के प्रधानाचार्य और उसकी प्रबंधन समिति की समन्वयक से पूछताछ करेंगे।”
उन्होंने बताया कि कुछ नेताओं द्वारा बच्चों की तस्वीरों के कथित दुरुपयोग के संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से भेजी गई शिकायत की भी जांच की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने एनसीपीसीआर को शिकायत भेजी थी।
तिवारी की शिकायत पर एनसीपीसीआर की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनोज तिवारी ने "बेबी बीयर पीके नाचे" गाना गाया था और अगर कोई गीत के बोल को पढ़ेगा तो वे समझ जाएंगे कि वे कितने अपमानजनक हैं।
उन्होंने पूछा, “ ऐसे गानों पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होनी चाहिए? आयोग ने उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की?”
भारद्वाज ने कहा, “ गुजरात चुनाव से पहले, प्रधानमंत्री ने राज्य का दौरा किया और एक फर्जी क्लासरूम में तस्वीरें खिंचवाई। क्या इससे बच्चों की मानसिकता प्रभावित नहीं होगी? क्या वे नहीं समझेंगे कि उनके प्रधानमंत्री फोटो के लिए फर्जी क्लासरूम बनवाते रहे हैं।”
‘आप’ नेता ने प्रेस वार्ता में कहा, “ एनसीपीसीआर का काम बच्चों के खिलाफ अन्याय पर कार्रवाई करना है। देश भर में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां हर दिन बच्चों का यौन शोषण हो रहा है। इन आयोग का इन दिनों राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।”
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