देश की खबरें | स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो रहे: मोदी ने मोतियाबिंद शिविर के लाभार्थियों को लिखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने और देशभर में नये मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने जैसे कदमों के कारण भारत के स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।
नयी दिल्ली, 13 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने और देशभर में नये मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने जैसे कदमों के कारण भारत के स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।
मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए एक नि:शुल्क शिविर के लाभार्थियों को लिखित जवाब में यह बात कही। इनमें से प्रत्येक ने सरकार के कार्य के लिए धन्यवाद देने के वास्ते प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ‘स्वास्थ्य दृष्टि समृद्ध काशी’ अभियान के तहत वाराणसी में सैकड़ों लोगों ने सफलतापूर्वक आंखों की नि:शुल्क सर्जरी कराई है।
पत्रों का जवाब देते हुए मोदी ने लिखा, ‘‘अपने प्रयासों से आपके जीवन में हम जो सकारात्मक बदलाव ला सके हैं उससे बड़ी खुशी एवं संतोष की बात और क्या हो सकती है।’’
पत्रों में मोदी के हवाले से कहा गया है, ‘‘एक समय था जब गरीब और मध्यम वर्ग के लोग उपयुक्त इलाज नहीं करा पाते थे और शायद उन्होंने इसे अपना नसीब मान लिया था। हमने देखा है कि किस तरह से माताएं और बहनें कभी-कभी अपने रोग महज इसलिए छिपाती थीं कि उनके इलाज का खर्च परिवार की आर्थिक हालत और खराब कर देगा।’’
पत्रों में मोदी ने संतोष प्रकट करते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों के चलते पिछले आठ-नौ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़े सुधार किये गये हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, जिला स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, देश भर में एम्स सहित नये मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और जन औषधि केंद्रों के जरिये वहनीय दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)