देश की खबरें | प्रदूषण मुख्यत: चीनी पटाखों से फैलता है, ऐसे में स्थानीय पटाखों पर रोक से बचा जाए: स्वदेशी जागरण मंच
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच (जेएसएम) ने शनिवार को कहा कि मुख्यत: चीन से अवैध रूप से आयात किये गये पटाखों से ही प्रदूषण फैलता है और उसने राज्य सरकारों से भारत में बने ‘कम प्रदूषणकारी’ हरित पटाखों पर पाबंदी लगाने से बचने की अपील की।
नयी दिल्ली, सात नवंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन स्वदेशी जागरण मंच (जेएसएम) ने शनिवार को कहा कि मुख्यत: चीन से अवैध रूप से आयात किये गये पटाखों से ही प्रदूषण फैलता है और उसने राज्य सरकारों से भारत में बने ‘कम प्रदूषणकारी’ हरित पटाखों पर पाबंदी लगाने से बचने की अपील की।
एसजेएम के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा कि करीब दस लाख लोगों की आजीविका पटाखा उद्योग पर निर्भर करती है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ सालभर ये लोग अपने पटाखे बिकने का इंतजार करते हैं। ऐसी स्थिति में देश में बने हरित पटाखों, जो कम प्रदूषणकारी हैं, पर पाबंदी लगाना विवेकपूर्ण नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ समय से बिना किसी तथ्यात्मक सूचना के राज्य सरकारें दिवाली पर सभी प्रकार के पटाखों पर पाबंदी जैसे कदम उठा रही हैं जो बिल्कुल अनुपयुक्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘ यह समझने की बात है कि अबतक पटाखों से फैलने वाला प्रदूषण मुख्यत: चीन से अवैध रूप से आयात किये जाने वाले पटाखों के कारण है। ’’
महाजन ने कहा कि ऐसे में स्वदेशी जागरण मंच दिल्ली, राजस्थान, ओडि़शा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक तथा अन्य राज्य सरकारों, जिन्होंने पटाखों पर पाबंदी लगायी है, से इसे हटाने का अनुरोध करता है।
उन्होंने कहा कि मंच ने केंद्र सरकार से हरित पटाखों के असल प्रदूषण प्रभावों के बारे में राष्ट्रीय हरित अधिकरण को अवगत कराने की भी अपील की है।
कई राज्य सराकरों ने बढ़ते वायु प्रदूषण और कोविड-19 महामारी के कारण पटाखों पर रोक लगा दी है।
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