देश की खबरें | जेएलएफ में वैश्विक महासागरों के समक्ष राजनीति, खतरों पर चर्चा

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जयपुर, एक फरवरी ऑस्ट्रेलियाई लेखक जेम्स ब्रैडली, भारत में ऑस्ट्रेलियाई राजदूत फिलिप ग्रीन और जलवायु-तकनीक निवेशक मृदुला रमेश के एक पैनल ने महासागरों के समक्ष विभिन्न खतरों पर चर्चा की जिसमें प्रवाल भित्तियों, मैंग्रोव में कमी और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि शामिल है।

इन सभी ने यहां जयपुर साहित्य महोत्सव में ‘डीप वाटर: द वर्ल्ड इन द ओशन’ सत्र में अपने विचार रखे।

‘द क्लाइमेट सॉल्यूशन’ की पुरस्कार विजेता लेखिका और सुंदरम क्लाइमेट इंस्टीट्यूट की संस्थापक रमेश ने दुनिया की तुलना एक मध्ययुगीन शहर से की, जिसकी वर्तमान संदर्भ में सुरक्षा मैंग्रोव और प्रवाल भित्तियां हैं।

रमेश ने कहा, ‘‘प्रवाल भित्तियां और मैंग्रोव तूफानी लहरों और समुद्र के बढ़ते स्तर के खिलाफ हमारी सुरक्षा हैं और हम जो कर रहे हैं वह यह है कि दीवारें गिरा रहे हैं और घेराबंदी आ रही है, यह बेहद मूर्खतापूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि जैव विविधता एक ऐसी चीज है जो नीति निर्माताओं को समझ नहीं आती ।

रमेश ने कहा, “लेकिन अगर आप इसे व्यावहारिक रूप से देखें, तो यह सबसे मूर्खतापूर्ण चीज है जो हम जैव विविधता को नष्ट करने के लिए कर सकते हैं। यह ऐसी सुरक्षा है जो हमें समुद्र के स्तर में वृद्धि के खिलाफ मिली हुई है।’’

ऑस्ट्रेलियाई राजदूत ग्रीन ने कहा कि विभिन्न राष्ट्रों द्वारा सामूहिक रूप से बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “पिछले साल, पार्टियों द्वारा एक नई संधि पर सहमति व्यक्त की गई थी, (जिसे) अभी तक लागू नहीं किया गया है। यह अनिवार्य रूप से एक तंत्र बनाने की शुरुआत करता है जिसके द्वारा उच्च समुद्र के क्षेत्रों को समुद्री संरक्षित क्षेत्रों का निर्माण करके राज्यों द्वारा एक साथ नियंत्रित किया जा सकता है।’’

राजनयिक ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अपने तटीय क्षेत्रों को सतत रूप से प्रबंधित करने के लिए काम कर रहा है।

ग्रीन ने कहा“हमारे पास 62 समुद्री पार्क हैं, हमारे महासागर का 45 प्रतिशत हिस्सा संरक्षित है। इस साल के अंत तक हम अपने सभी तटीय क्षेत्रों का सतत रूप से प्रबंधन करेंगे। हमारे पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा समुद्री क्षेत्र है।’’

इस वर्ष जेएलएफ में नोबेल पुरस्कार विजेता, बुकर पुरस्कार विजेता, पत्रकार, नीति निर्माता और प्रशंसित लेखकों जैसे 300 से अधिक दिग्गज शामिल हैं। प्रतिभागियों में अभिजीत बनर्जी, एस्तेर डफ्लो, अमोल पालेकर, इरा मुखोटी, गीतांजलि श्री, डेविड हरे, मानव कौल, जावेद अख्तर, राहुल बोस, युवान एवेस, शाहू पटोले और कल्लोल भट्टाचार्जी शामिल हैं।

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