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देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने वक्फ विधेयक का विरोध किया, इसे ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप’ बताया

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देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने वक्फ विधेयक का विरोध किया, इसे ‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप’ बताया

श्रीनगर, दो अप्रैल जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों ने बुधवार को वक्फ अधिनियम संशोधन के लिए लोकसभा में पेश विधेयक का विरोध करते हुए दावा किया कि यह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप और मुसलमानों को कमजोर करने का प्रयास है।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया।

सरकार के मुताबिक इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार, जटिलताओं को दूर करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रबंधन शुरू करना है। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे ‘‘असंवैधानिक’’ और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बताया है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विधेयक मुसलमानों को कमजोर करने के लिए लाया गया है। मुझे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि हम पिछले 10-11 वर्षों से देख रहे हैं कि किस तरह मुसलमानों को मारा जा रहा है और मस्जिदें गिराई जा रही हैं... लेकिन हिंदू भाइयों को आगे आना चाहिए क्योंकि यह गांधी का देश है, इसे संविधान के हिसाब से चलना चाहिए।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष ताकतों को देश को दूसरा म्यांमा बनने से रोकने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि वे (हिंदुओं को) यहां एक और म्यांमा नहीं चाहते, अगर वे नहीं चाहते कि मुसलमानों के साथ भी वही हो जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ, तो उन्हें ऐसा करना होगा।’’

महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘इसलिए लोगों को आगे आना होगा और इस अन्याय को रोकना होगा तथा वक्फ बोर्ड पर कब्जे को रोकना होगा।’’

पीडीपी अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोग मूकदर्शक बने रहेंगे तो ‘‘देश में अराजकता को कोई नहीं रोक सकता।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश तोड़ रही है।

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया।

लोन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘संसद द्वारा प्रस्तावित संशोधन हमारी आस्था में एक स्पष्ट हस्तक्षेप है, जिसका उद्देश्य सही संरक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित करना है। यह एक और दक्षिणपंथी अतिक्रमण है।’’

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा था कि उनकी पार्टी इन संशोधनों का समर्थन नहीं करेगी, क्योंकि ‘‘केवल एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है’’। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह भी कहा है कि हर धर्म की अपनी संस्थाएं होती हैं और हर धर्म की एक धर्मार्थ शाखा होती है और हमारे लिए वह वक्फ है।’’

हालांकि, भाजपा नेता दरख्शां अंद्राबी ने वक्फ संशोधन विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘‘वक्फ के पास इतनी संपत्तियां हैं, फिर भी मुस्लिम भाई गरीब कैसे हैं?’’

अंद्राबी ने कहा, ‘‘वक्फ के पास हजारों कनाल जमीन है, लेकिन इसके बावजूद ज्यादातर मुसलमान बेघर और भूमिहीन हैं। सरकार, प्रधानमंत्री इन मुद्दों के बारे में सोच रहे हैं ताकि मुस्लिम समुदाय गरीब न रहे और उन्हें सभी सुविधाएं मिलें।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2025 04:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).