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देश की खबरें | हज सब्सिडी के नाम पर दशकों से सियासी छल चल रहा था: नकवी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि सब्सिडी के खात्मे के बावजूद हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ ना पड़ना इस बात का प्रमाण है कि दशकों से हज सब्सिडी के बल पर सियासी छल चल रहा था।

देश की खबरें | हज सब्सिडी के नाम पर दशकों से सियासी छल चल रहा था: नकवी

नयी दिल्ली, 23 मई केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि सब्सिडी के खात्मे के बावजूद हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ ना पड़ना इस बात का प्रमाण है कि दशकों से हज सब्सिडी के बल पर सियासी छल चल रहा था।

उन्होंने यहां हज-2022 के लिए हज समन्वयकों, हज सहायकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के दौरान यह भी कहा कि मोदी सरकार ने "सब्सिडी के सियासी छल" को ईमानदारी के बल से खत्म किया है।

नकवी ने कहा कि हज 2022 के लिए हज कमेटी के माध्यम से हज यात्री 10 इम्बार्केशन पॉइंट्स (प्रस्थान स्थलों)- अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और श्रीनगर से जाएंगे।

उन्होंने बताया कि भारत से हज के लिए उड़ान चार जून से शुरू हो रही हैं।

नकवी ने कहा, ‘‘मोदी सरकार में संपूर्ण हज प्रक्रिया में किये गए महत्वपूर्ण सुधारों से जहां एक तरफ हज प्रक्रिया पारदर्शी हुई है, वहीँ दूसरी ओर दो वर्षों के बाद हज पर जा रहे हज यात्रियों पर गैर-जरुरी आर्थिक बोझ ना पड़े इसकी व्यवस्था की गई है।’’

उनके मुताबिक, संपूर्ण हज प्रक्रिया के शत-प्रतिशत डिजिटल होने से भारतीय मुसलमानों के "इज़ ऑफ डूइंग हज" (हज करने में सुगमता) का सपना साकार हुआ है। डिजिटल हज, "डिजिटल इंडिया" के सर्वश्रेष्ठ उदाहरणों में से एक है।

नकवी ने कहा, ‘‘लोगों की सेहत, सुरक्षा, सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण सुधारों के साथ हज 2022 हो रहा है। हज 2022 की संपूर्ण प्रक्रिया भारत सरकार और सऊदी अरब की सरकार द्वारा तय किये गए पात्रता, आयु, स्वास्थ्य मानदंडों एवं अन्य जरुरी कोरोना दिशानिर्देशों के अनुसार की गई है।’’

उन्होंने बताया, ‘‘इस साल भारत से 79,237 मुसलमान हज 2022 पर जाएंगें। इनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनमें 56 हजार 601 हज यात्री, भारतीय हज कमेटी और 22,636 हज यात्री, ‘हज ग्रुप ऑर्गनाइजर्स’ (एचजीओ) के माध्यम से जाएंगें। बिना "मेहरम" (पुरुष रिश्तेदार) के लगभग 2000 मुस्लिम महिलाएं हज 2022 पर जाएंगी। इन्हें लॉटरी सिस्टम से बाहर रखा गया है।’’

कोरोना के कारण सऊदी अरब सरकार की ओर से तय दिशानिर्देशों चलते पिछले दो वर्षों में भारतीय नागरिक हज यात्रा पर नहीं जा सके थे।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2022 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).