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देश की खबरें | हरियाणा में वोट बांटने का ‘राजनीतिक सर्कस’, यह वक्त बदलाव का है: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को दावा किया कि पहले से तय पटकथा के अनुसार यह ‘राजनीतिक सर्कस’ शुरू हुआ है ताकि जाति विभाजन के आधार पर वोट बांटा जा सके।

देश की खबरें | हरियाणा में वोट बांटने का ‘राजनीतिक सर्कस’, यह वक्त बदलाव का है: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 12 मार्च कांग्रेस ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम को लेकर मंगलवार को दावा किया कि पहले से तय पटकथा के अनुसार यह ‘राजनीतिक सर्कस’ शुरू हुआ है ताकि जाति विभाजन के आधार पर वोट बांटा जा सके।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह वक्त बदलाव का है और जो हरियाणा में देखने को मिल रहा है वही पूरे देश में होने जा रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके साथी कैबिनेट मंत्रियों ने प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को मंगलवार को इस्तीफा दे दिया और पार्टी विधायक दल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नायब सैनी को अपना नया नेता चुना है जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

रमेश ने सोशल मीडिया मंच‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘वक़्त है बदलाव का। जो भगदड़ आज हम हरियाणा में देख रहे हैं, वो किसान, नौजवान व पहलवान के दबाव में हो रही है और यही देश में भी होने जा रहा है।’’

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हरियाणा में पूर्व निर्धारित “स्क्रिप्ट” के आधार पर हरियाणवियों को जाति के विभाजन में बांट वोट बटोरने का “राजनीतिक सर्कस” शुरू। साढ़े नौ साल की खट्टर सरकार की नाकामी और नकारापन से बचने के लिए गठबंधन तोड़ने का ‘पूर्व निर्धारित ड्रामा’। आधे अब भाजपा में और आधे जजपा में। सारे पापों का ठीकरा जजपा पर मढ़कर नया “शगूफा” छोड़ा जाएगा।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘लोगों को पिछले कुकर्म भुलाने, 10 सालों की पिछली जन विरोधी नीतियों - फैसलों से भटकाने के लिये “पाप के टोकरे” पर नया “लेबल” चिपकाया जाएगा। जजपा को अलग चुनाव लड़वाया जाएगा ताकि “वोट विभाजन” की नई बिसात बिछायी जाये। शायद जजपा नेताओं पर मुकदमे भी दर्ज किए जाएं ताकि “सहानुभूति फैक्टर” बनाया जा सके। खूब इल्ज़ाम लगेंगे, पत्रकार सम्मेलन होंगे, जलसे-जुलूस होंगे।’’

सुरजेवाला के अनुसार, हो सकता है कि जल्द ही बसपा या एक दो और राजनीतिक दलों को भी समझौते के तहत या अकेले मैदान में उतार दिया जाए ताकि “विभाजन की राजनीति” और तेज हो।

उन्होंने दावा किया, ‘‘ सच ये है कि “शकुनि की चौपड़” बिछा रही भाजपा के पास न साल 2019 में बहुमत था, न आज है। भाजपा ने साल 2019 में भी प्रजातंत्र का चीरहरण कर जनमत के विरुद्ध सरकार बनाई थी, वो आज भी यही कर रहे हैं। साल 2014 व साल 2019 में भी भाजपा का सत्ता प्राप्ति का तरीका जातिगत विभाजन का था, आज भी वही है और भविष्य में भी यही होगा।’’

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में जो हो रहा है वो जनभावना के दबाव में हो रहा है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हरियाणा की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है...यह सब जो हो रहा है उसी के दबाव में हो रहा है।’’

हक हक वैभव

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2024 03:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).