देश की खबरें | राजस्थान में अनेक जगह पुलिसकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर होली नहीं मनाई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के कई जिलों में पुलिस कर्मियों ने पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में शनिवार को पारंपरिक 'पुलिस होली' कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी।

जयपुर, 15 मार्च राजस्थान के कई जिलों में पुलिस कर्मियों ने पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में शनिवार को पारंपरिक 'पुलिस होली' कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और पुलिसकर्मियों की मांगों पर गौर करने की मांग की। कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने भी पुलिसकर्मियों की मांगों का समर्थन किया और कहा कि वे सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाएंगे।

परंपरागत रूप से पुलिसकर्मी होली का त्योहार धुलंडी के अगले दिन मनाते हैं क्योंकि त्योहार के दिन वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में तैनात रहते हैं। धुलंडी के अगले दिन वे 'पुलिस होली' कार्यक्रमों में शामिल होते हैं जिनके आयोजन आमतौर पर जिला पुलिस लाइन में होता है।

हमेशा की तरह, राज्य भर में पुलिस लाइनों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा होली कार्यक्रम की व्यवस्था की गई थी हालांकि, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और अन्य जिलों में पुलिस लाइनें खाली रहीं।

कोटा, भरतपुर, पाली, सवाई माधोपुर और भीलवाड़ा में पुलिसकर्मियों ने जिला पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होली खेली, एक-दूसरे पर गुलाल और रंग लगाया और डीजे की धुन पर नाचते नजर आए।

कोटा में जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ डीजे की धुन पर डांस किया। इसी तरह भरतपुर में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने अफसरों के साथ होली खेली।

हालांकि, इन कार्यक्रमों में पुलिसकर्मियों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। भीलवाड़ा के पुलिस ग्राउंड में होली मिलन समारोह रखा गया था। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने होली खेली।

पुलिसकर्मियों की मुख्य मांगें पदोन्नति और वेतन विसंगतियों को लेकर हैं। वे पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठक समय पर करने, मेस भत्ते में बढ़ोतरी समेत अन्य मांग कर रहे हैं।

जयपुर में एक पुलिसकर्मी ने कहा, "होली का बहिष्कार हमारी पुरानी मांगों को लेकर है।"

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा को मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

उन्होंने 'एक्स' पर लिखा,'कल प्रदेशभर में उल्लासपूर्ण एवं शांतिपूर्वक होली मनाने में योगदान देने के बाद आज पुलिसकर्मी होली का बहिष्कार कर रहे हैं। मेरी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील है कि अविलंब इस मामले में दखल दें एवं पुलिसकर्मियों को होली खेलने के लिए उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला करें।'

उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष तमाम लंबित मांगों जैसे डीपीसी से प्रमोशन, मैस भत्ता बढ़ाने, साप्ताहिक अवकाश इत्यादि मांगों को लेकर पुलिसकर्मी आज होली का बहिष्कार कर रहे हैं। पूर्व में हमेशा बजट में पुलिसकर्मियों के हित में घोषणा होती थीं।

उन्होंने कहा, 'होली सालभर में आने वाला त्यौहार है। हमारे नेता प्रतिपक्ष एवं कई विधायकों ने विधानसभा में भी आपकी इन मांगों को उठाया है एवं आगे भी हम मजबूती से सरकार के समक्ष आपकी मांगों को रखेंगे। मेरा सभी पुलिसकर्मियों से निवेदन है कि बहिष्कार पर पुनर्विचार कर आप अपने साथियों एवं परिजनों के साथ होली का त्यौहार मनाएं।'

वहीं कैबिनेट मंत्री मीणा ने भी पुलिसकर्मियों से होली मनाने का आग्रह किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा,'प्रदेश के पुलिसकर्मियों से आग्रह है कि आपकी जो भी मांगें हैं, वह मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर पूर्ण कराऊंगा।'

उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपील की,'आप सभी विपरीत परिस्थितियों में सदा जनसेवा में प्रतिबद्ध पुलिसकर्मियों से विनम्र आग्रह है कि वे वैदिक पर्व होली पूरे उल्लास के साथ मनाएं।'

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