देश की खबरें | पुलिस ने भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया

जयपुर, पांच जुलाई राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का आरोप लगाते हुये, बुधवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को रोकने के लिये पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया ।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे अनियंत्रित प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया। उन्हें बसों में बिठा कर ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया ।

उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के कथित तौर पर घायल होने पर उन्हें सवाई मानसिंह चिकित्सालय भेजा गया।

सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा के अनुसार नौ घायल श्रमिकों को ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जिनकी विशेषज्ञों द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि भरतपुर की सांसद रंजीता कोली सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत को लेकर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंची थीं, उनका सीटी स्कैन कराया गया, जिसकी रिपोर्ट सामान्य आयी है।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) योगेश गोयल ने बताया, " लगभग 200 महिलाओं को अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 129 के तहत अलग-अलग बसों में बिठाकर विद्याधर नगर पुलिस थाने ले जाया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।"

राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमारी ने सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचकर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूजा कपिल, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष जयश्री गर्ग और प्रदेश मीडिया प्रभारी स्नेहा कंबोज की कुशलक्षेम पूछी।

इससे पहले महिला कार्यकर्ताओं ने 'आक्रोश आंदोलन' के दौरान अपनी आवाज उठाने के लिए चम्मच से 'थाली' बजाई। कार्यकर्ताओं ने जो थालियां पकड़ रखी थीं। थालियों पर स्टीकर लगा हुआ था कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार बलात्कार के मामले में राजस्थान शीर्ष पर है और राजस्थान बहन-बेटियों का अपमान सहन नहीं करेगा।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा सांसद और प्रदेश महासचिव दीया कुमारी ने कहा कि महिला मोर्चा की कार्यकर्ता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रही थीं लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

उन्होंने कहा "यह सरकार की विफलता है कि राज्य की महिलाएं बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आई हैं। पुलिस ने उन्हें न्याय देने के बजाय उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस और सरकार चाहे कितना भी दमनकारी कदम उठा ले। राजस्थान की महिलाएं जाग गई हैं और वे रुकने वाली नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर गांव-ढाणियों तक सरकार के खिलाफ थाली नाद आंदोलन किया जायेगा।

भाजपा की प्रदेश सह प्रभारी विजया रहाटकर ने आरोप लगाया कि राजस्थान 'रेपिस्तान' बन गया है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में राजस्थान शीर्ष पर है।

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