देश की खबरें | राजस्थान के कोटा में पुलिस ने एल्विश यादव को पूछताछ के लिए रोका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. यूट्यूबर एल्विश यादव को राजस्थान के कोटा में शनिवार शाम उस वक्त पूछताछ के लिए रोका गया, जब वह अपने दोस्तों के साथ कार में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्हें जाने की इजाजत दे दी गई।

कोटा, चार नवंबर यूट्यूबर एल्विश यादव को राजस्थान के कोटा में शनिवार शाम उस वक्त पूछताछ के लिए रोका गया, जब वह अपने दोस्तों के साथ कार में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्हें जाने की इजाजत दे दी गई।

नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को रेव पार्टियों में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल को लेकर एल्विश यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया था और पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

यूट्यूबर ने आरोपों का खंडन किया है और जांच में पुलिस के साथ सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की है।

कोटा के सुकेत पुलिस थाने के प्रभारी विष्णु सिंह ने कहा कि नियमित जांच के दौरान एक कार को रोका गया, जिसमें तीन या चार लोग यात्रा कर रहे थे और उनमें से एक ने अपनी पहचान एल्विश यादव के रूप में बताई।

सिंह के मुताबिक, पता चला कि एल्विश यादव के खिलाफ नोएडा में मामला दर्ज है, इसलिए नोएडा पुलिस से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि नोएडा पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले की जांच जारी है और वह वांछित नहीं हैं।

सिंह के अनुसार, “नोएडा पुलिस ने कहा कि वह वांछित नहीं हैं और मामले की जांच जारी है...इसलिए उन्हें जाने की इजाजत दे दी गई।”

नोएडा पुलिस के अधिकारियों ने कहा था कि शुक्रवार को कोबरा समेत नौ सांपों को गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया गया। ये लोग बृहस्पतिवार को एक पार्टी के लिए नोएडा के सेक्टर-51 के एक बैंक्वेट हॉल में आए थे। यह पार्टी दरअसल पशु अधिकार समूह पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए) द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बिछाया गया जाल था।

नोएडा के पुलिस उपायुक्त (प्रभारी) राम बदन सिंह ने कहा कि सांप का 20 मिलीलीटर जहर भी जब्त किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के वक्त एल्विश यादव नोएडा के बैंक्वेट हॉल में मौजूद नहीं थे।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस सबूत इकट्ठा कर रही है और मामले में यूट्यूबर की भूमिका की जांच करेगी, जिसके बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीएफए के पशु कल्याण अधिकारी गौरव गुप्ता की शिकायत के बाद वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत यादव और पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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