देश की खबरें | पीएमएलए अदालत ने पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष को जमानत देने से किया इनकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने कथित धोखाधड़ी और 429 करोड़ रुपये के धन के गबन से जुड़े धन शोधन के मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अमर मूलचंदानी को चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया।
मुंबई, पांच जनवरी एक विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने कथित धोखाधड़ी और 429 करोड़ रुपये के धन के गबन से जुड़े धन शोधन के मामले में पुणे के सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अमर मूलचंदानी को चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया।
पीएमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने दो जनवरी को मूलचंदानी को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि पुणे में उपचार के नाम पर किसी तरह की छूट से निश्चित रूप से आपराधिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधान के अनुसार आगे की जांच कर रहा है और आवेदक ईडी की जांच को बाधित कर सकता है। आदेश शुक्रवार को उपलब्ध हुआ।
आदेश में कहा गया कि एक बार आवेदक पुणे में अस्पताल में भर्ती हो गया, तो इसके बाद कोई नहीं कह सकता कि उसे कब छुट्टी दी जाएगी और उस स्थिति में ‘‘यह अदालत अधिकारहीन हो जाएगी।’’
अदालत ने मूलचंदानी द्वारा बताई गई बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी जेजे अस्पताल उन्नत मशीनों से लैस है, वहां वरिष्ठ चिकित्सक हैं और न्यूरोलॉजी, हृदय रोग, मधुमेह तथा नेत्र संबंधी बीमारियों से संबंधित विभागों के प्रमुख हैं।
अदालत ने पित्ताशय में पथरी के इलाज के बारे में कहा, ‘‘ आजकल ये ऑपरेशन तालुका के छोटे अस्पतालों में भी हो जाते हैं।’’
अदालत ने कहा कि जब जेजे (अस्पताल) के चिकित्सक उनका इलाज करने के लिए तैयार हैं और आर्थर रोड जेल के अधिकारी उन्हें रेफर करने के लिए तैयार हैं, तो स्वाभाविक रूप से इसका पालन किया जाना चाहिए।
सेवा विकास सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष मूलचंदानी को एक जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
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