नयी दिल्ली, 22 जून पीएमजीकेएवाई के तहत 81 करोड़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के 81 करोड़ लाभार्थियों के बीच मुफ्त वितरण के लिए आवंटित खाद्यान्न में से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केवल 19.32 लाख टन का उठाव किया है, जो नवंबर तक पांच महीने के लिए किए गए 201 लाख टन के कुल आवंटन का 10 प्रतिशत से भी कम है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) पहले तीन महीने के लिए लागू की गई थी, जिसे अब कोविड-19 संकट से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
इस योजना के तहत, सरकार 81 करोड़ राशन कार्ड धारकों को प्रति परिवार पांच किलो चावल या गेहूं प्रति लाभार्थी और एक किलो चना वितरित कर रही है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दी जाने वाली सब्सिडीप्राप्त अनाज के ऊपर और अधिक है।
नवीनतम आंकड़ों को जारी करते हुए, खाद्य मंत्रालय ने कहा कि उसने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को पांच महीने की अवधि (जुलाई से नवंबर) के लिए 201.08 लाख टन खाद्यान्न आवंटित किया। इसमें 91.14 लाख टन गेहूं और 109.94 लाख टन चावल शामिल है।
इसमें कहा गया है कि विभिन्न राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अब तक कुल 19.32 लाख टन खाद्यान्न का उठाव किया गया है।
बयान में कहा गया है कि 5.87 लाख टन दालों के आवंटन के मुकाबले, राज्यों ने अब तक 4.89 लाख टन को ही वितरित किया है।
मंत्रालय ने कहा कि गैर-राशन कार्ड धारक आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज वितरण के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत किये गये आठ लाख टन के आवंटन में से राज्यों ने 6.39 लाख टन खाद्यान्न का ही उठाव किया है।
लाभार्थियों को मई-जून में केवल 2,43,092 टन खाद्यान्न वितरित किया गया था।
मंत्रालय ने कहा कि 33,745 टन चना (चना) राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में भेजा गया। जिनमें से, उन्होंने 33,378 टन का उठाव किया और 11,678 टन वितरित किया।
राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के बारे में, मंत्रालय ने कहा कि यह सुविधा अब तक 20 राज्यों में लागू है। मार्च 2021 तक, शेष राज्यों को जोड़ दिया जाएगा और यह योजना पूरे भारत में चालू हो जाएगी।
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