देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना सरकार को ‘सबसे भ्रष्ट’ करार दिया, बीआरएस ने पलटवार किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसके भ्रष्टाचार के तार अब दिल्ली तक फैल गये हैं।
वारंगल (तेलंगाना), आठ जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसके भ्रष्टाचार के तार अब दिल्ली तक फैल गये हैं।
यहां करोड़ों रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि तेलंगाना में अब जनता की आकांक्षा ‘अबकी बार भाजपा सरकार’ की है और यहां के दृश्य देखकर हैदराबाद में ‘उस परिवार’ की नींद हराम हो रही होगी।
तेलंगाना में सत्तारूढ़ बीआरएस और दिल्ली में आप सरकार पर परोक्ष हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि पहली बार दो राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों के बीच भ्रष्टाचार के लिए सौदे के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पहले दो देशों या दो राज्य सरकारों के बीच विकास संबंधी समझौतों की खबरें आती थीं। (जैसे) दो राज्यों ने विकास (उद्देश्य) के लिए एक समझौता किया है। दो राज्यों ने पानी के लिए समझौता किया है। ऐसी खबरें आती थीं।’’
मोदी ने रैली में कहा, ‘‘लेकिन पहली बार है कि दो पार्टियों और दो राज्य सरकारों के बीच भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।’’
दिल्ली की आबकारी नीति घोटाला मामले में आप नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय गिरफ्तार कर चुका है, वहीं बीआरएस नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता मामले में पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुई थीं।
मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जिस तेलंगाना के लिए जनता ने इतना संघर्ष किया और बलिदान दिए, उस जनता के सामने ऐसे दिन देखने की नौबत आ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के बयानों को लेकर पलटवार करते हुए तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री ने 20,000 करोड़ रुपये के एक लोकोमोटिव कारखाने को गुजरात ले जाकर राज्य की जनता का अपमान किया है।
तेलंगाना में शिक्षकों के हजारों पद खाली होने संबंधी प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए केटीआर ने कहा कि यह ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा है क्योंकि केंद्र 16 लाख से अधिक केंद्रीय पदों को नहीं भर रहा है और वह सार्वजनिक उपक्रम के संगठनों की नौकरियों का स्थायी निजीकरण कर रहा है।
रामाराव ने आरोप लगाया कि तेलंगाना आकर यहां बीआरएस सरकार पर प्रहार करना , झूठ बोलना और भाषण देना लेकिन ‘खाली हाथ लौट जाना’ मोदी की आदत बन गयी है।
रामाराव ने कहा कि तेलंगाना सरकार की विद्यालय प्रणाली की बात करने वाले प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए कि बीआरएस शासन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रति विद्यार्थी सवा लाख रुपये सलाना खर्च कर रहा है जबकि देश में ऐसा कहीं नहीं किया जाता है।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोग राज्य के प्रति बरती जा रही उदासीनता एवं भेदभाव देख रहे हैं तथा सही वक्त पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबक सिखाएंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)