देश की खबरें | व्हाट्सऐप पर अपमानजनक संदेश भेजने वाले सीआरपीएफ कांस्टेबल की याचिका खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जिस कांस्टेबल को एक अधिकारी की छवि खराब करने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे फिर से नौकरी पर रखने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है।

नयी दिल्ली, तीन सितंबर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जिस कांस्टेबल को एक अधिकारी की छवि खराब करने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे फिर से नौकरी पर रखने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है।

उक्त कांस्टेबल ने एक अधिकारी को बदनाम करने के इरादे से व्हाट्सऐप पर एक आपत्तिजनक संदेश को दो सौ अन्य कर्मचरियों को भेजा था। न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कांस्टेबल की याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि उसका यह कहना कि उच्च अधिकारियों को सूचना देने के इरादे से संदेश भेजा गया था, तथ्यों के विपरीत है।

याचिकाकर्ता कांस्टेबल ने जो संदेश भेजा था उसके मुताबिक एक कंपनी कमांडर किसी वेश्या के साथ होटल के कमरे में थे। पीठ ने एक सितंबर को सुनाये गए आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता ने एसी (नाम उजागर नहीं किया गया) का नाम और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से, तथ्यों की जांच किये बगैर और सत्य का पता लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से पूछे बिना, व्हाट्सऐप संदेश को सीआरपीएफ के दो सौ कर्मचारियों को भेजा था।”

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने एक व्हाट्सऐप समूह में संदेश भेजा था जिसमें सीआरपीएफ के दो सौ कर्मचारी सदस्य थे और कांस्टेबल उसका ‘एडमिनिस्ट्रेटर’ था। कांस्टेबल ने संदेश के साथ एक फोटो भी भेजा था जो इंटरनेट की गति कम होने के कारण अपलोड नहीं हो पाया था।

अदालत ने कहा कि दो सौ कर्मचारियों को संदेश भेजने के बाद याचिकाकर्ता ने संबंधित डीआईजी (ऑपरेशन्स) को संदेश भेजा। इसके साथ ही अदालत ने कांस्टेबल की याचिका खारिज कर दी।

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