देश की खबरें | कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के लिये गुजरात में 300 ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की योजना : रूपाणी

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अहमदाबाद, पांच जुलाई गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस संकमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिये प्रदेश में 300 ऑक्सीजन संयंत्र लगाने की योजना प्रदेश सरकार ने बनायी है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सामान्य तौर पर चिकित्सीय ऑक्सीजन की दैनिक जरूरत 100 मीट्रिक टन है और कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान यह जरूरत बढ़ कर 1200 मीट्रिक टन पर पहुंच गयी थी ।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से 150 लीटर क्षमता वाले पीएसए (प्रेशर स्विंग एब्जॉर्प्शन) ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन करते हुये रूपाणी ने कहा कि गुजरात एकमात्र ऐसा प्रदेश है जिसने ‘‘बिना संपूर्ण लॉकडाउन लागू किये’’, कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर पर काबू पाया ।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के बोटाड जिले के गधाड़ा में इस आक्सीजन संयंत्र की स्थापना पर 22 लाख रुपये का खर्चा आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी योजना मांग पूरी करने के लिये 1800 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन की है । हमारा लक्ष्य 300 पीएसए संयंत्र स्थापित करने का है जिनमें से 175 स्थापित हो चुके हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात एकमात्र ऐसा प्रदेश है जिसने राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन लगाये बगैर कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को नियंत्रित कर लिया जबकि कई राज्यों में यह अब भी नियंत्रित नहीं हो सकी है और वहां लॉकडाउन लागू है।’’

रूपाणी ने दावा किया कि ऑक्सीजन की कमी के अभाव में एक भी मरीज की प्रदेश में मृत्यु नहीं हुयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आठ लाख से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं जो कुल मामलों का 98 प्रतिशत से अधिक है ।

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