देश की खबरें | पीओके, श्रीलंकाई तमिलों के विस्थापित परिवारों, 1984 के दंगा पीड़ितों के पुनर्वास की योजना जारी रहेगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने 2025-26 तक एक व्यापक योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), श्रीलंकाई तमिलों के विस्थापित परिवारों और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए धन मुहैया कराया जाएगा।
नयी दिल्ली, दो मार्च केंद्र सरकार ने 2025-26 तक एक व्यापक योजना को जारी रखने की मंजूरी दे दी है जिसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), श्रीलंकाई तमिलों के विस्थापित परिवारों और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए धन मुहैया कराया जाएगा।
विस्तारित अवधि के लिए 1,452 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ यह योजना विस्थापन पीड़ितों के उचित आय अर्जित करने और मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों में उनके समावेश से संबंधित है।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि मोदी सरकार ने कुल 1,452 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के लिए विस्थापन पीड़ितों के राहत और पुनर्वास से संबंधित योजना के तहत सात मौजूदा उप-योजनाओं को जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अनुमोदन यह सुनिश्चित करेगा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले गृह मंत्रालय के माध्यम से योजना के तहत सहायता लाभार्थियों तक पहुंचती रहे। सरकार ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग योजनाएं शुरू की थीं।
ये सात योजनाएं पीओके और छंब के विस्थापित परिवारों, श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों, त्रिपुरा में राहत शिविरों में रहनेवाले ब्रू शरणार्थियों के राहत और पुनर्वास के लिए सहायता करती हैं और 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के लिए राहत में वृद्धि प्रदान करती हैं।
योजना के तहत भारतीय क्षेत्र में आतंकवाद, उग्रवाद, सांप्रदायिक हिंसा, वामपंथी उग्रवाद और सीमा पार से गोलीबारी, खनन तथा आईईडी विस्फोट के असैन्य पीड़ितों को वित्तीय सुविधा भी दी जाएगी तथा केंद्रीय तिब्बती राहत समिति (सीटीआरसी) को सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा।
बयान में कहा गया कि सरकार भारत में कूचबिहार जिले में स्थित 51 पूर्व बांग्लादेशी एन्क्लेव में बुनियादी ढांचे के विकास और बांग्लादेश में पूर्ववर्ती भारतीय एन्क्लेव से वापस आए 922 लोगों के पुनर्वास के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को सहायता अनुदान भी प्रदान कर रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)