जरुरी जानकारी | पीएचडीसीसीआई ने इस्पात कीमतों पर नियंत्रण के लिए नियामक की वकालत की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने बुधवार को सरकार से इस्पात की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए एक नियामक बनाने का अनुरोध किया।
नयी दिल्ली, 17 नवंबर पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने बुधवार को सरकार से इस्पात की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए एक नियामक बनाने का अनुरोध किया।
पीएचडीसीसीआई की धातु और खनिज समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार चौधरी ने इस उद्योग के अंशधारकों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए पीएचडीसीसीआई द्वारा आयोजित एक सत्र में अपने संबोधन के दौरान यह अनुरोध किया।
सत्र में बोलते हुए, जहां इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते मुख्य अतिथि थे, उन्होंने कहा कि इस्पात उद्योग के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आज विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनमें इस्पात की ऊंची कीमतें एक प्रमुख समस्या है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस क्षेत्र के लिए एक नियामक के लिए अनुरोध करता हूं, जो इस क्षेत्र में कीमतों सहित विभिन्न मसलों की परख और विनियमन कर सके।’’
चौधरी ने कहा कि कीमतों के अलावा, एमएसएमई को कच्चे माल की समय पर उपलब्धता और उसके परिवहन जैसी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों की वजह से बैंकों और ग्राहकों के साथ वित्तीय प्रतिबद्धता रखने वाली छोटी कंपनियों की वृद्धि और प्रदर्शन पर व्यापक बुरा प्रभाव पड़ता है।
अपने संबोधन में, मंत्री ने इस्पात एमएसएमई की समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी सहायता का आश्वासन दिया और उसके बारे में हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए।
कीमत तय करने के संबंध में एक नियामक होने के सुझाव पर, कुलस्ते ने कहा, ‘‘इस पर चर्चा हो सकती है।’’
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