नयी दिल्ली, चार अक्टूबर पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अपनी सांगठनिक संरचना के लिए परामर्शक कंपनी की सेवाएं लेगा। यह परामर्शक नियामक को उसके सांगठनिक स्वरूप पर सुझाव देगा।
पीएफआरडीए एनपीएस ट्रस्ट को खुद से अलग करना चाहता है।
सरकार ने आम बजट 2019-20 में हितों के टकराव के मुद्दे को हल करने के लिए एनपीएस ट्रस्ट को पेंशन नियामक से अलग करने का प्रस्ताव किया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अंशधारकों के व्यापक हित और एनपीएस ट्रस्ट तथा पीएफआरडीए के बीच दूरी बनाने के लिए एनपीएस ट्रस्ट को नियामक से अलग करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
यह भी पढ़े | Gandhi Jayanti 2020: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा- महात्मा गांधी की विचारधारा से प्रभावित मोदी सरकार.
पेशेवर सलाहकार फर्म की नियुक्ति के लिए रुचि पत्र मांगते हुए पीएफआरडीए ने कहा है कि सांगठनिक ढांचे का पुन:आकलन करने की जरूरत है। पीएफआरडीए ने 2017 में सांगठनिक पुनर्गठन किया था। नियामक ने कहा कि बदलती नियामकीय जरूरतों तथा प्राधिकरण का संचालन करने वाले कानूनी नियमों में प्रस्तावित बदलावों के मद्देनजर सांगठनिक ढांचे का नए सिरे से आकलन करने की जरूरत है।
पीएफआरडीए ने कहा कि नियामकीय क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने के लिए उसकी क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत है। इससे नियामक भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर सकेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY