जरुरी जानकारी | पेट्रोनेट की निगाहें पेट्रोरसायन कारोबार में नयी शुरुआत पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कंपनी पिछले एक दशक के दौरान खोए हुए अवसरों को फिर से प्राप्त करने के लिए पूर्वी तट पर एक एलएनजी आयात सुविधा स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।
कंपनी पिछले एक दशक के दौरान खोए हुए अवसरों को फिर से प्राप्त करने के लिए पूर्वी तट पर एक एलएनजी आयात सुविधा स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।
पेट्रोलियम सचिव एवं पेट्रोनेट के चेयरमैन तरुण कपूर ने कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि कंपनी ओडिशा के गोपालपुर बंदरगाह पर समुद्र के ऊपर एक 'हवा में तैरता टर्मिनल' स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को व्यापक आधार देने के लिए कंपनी एक प्रमुख विविधीकरण अभियान शुरू कर रही है और गुजरात में स्थित दाहेज टर्मिनल पर एक इथेन/प्रोपेन गैस आयात सुविधा विकसित करने की संभावना तलाश रही है।
पेट्रोनेट ने कुछ साल पहले जहाजों से सुपरकूल्ड गैस के आयात के लिए आंध्र प्रदेश के गंगावरम में एक टर्मिनल स्थापित करने की योजना बनाई थी।
कंपनी प्रबंधन ने हालांकि वर्ष 2015-16 में सालाना 50 लाख टन सालाना की आयात सुविधा की योजना को पर्याप्त मांग नहीं होने के कारण इस योजना को बंद कर दिया था।
वही एक सूत्र ने बताया कि पेट्रोनेट को अब लग रहा है कि पूर्वी क्षेत्र में गैस की मांग है, इसलिए धामरा एलएनजी टर्मिनल के बावजूद अब कंपनी गोपालपुर में एक सुविधा स्थापित करने की तलाश कर रही है।
इसी तरह कंपनी पेट्रोरसायन क्षेत्र में गंवाए अवसर को फिर से हासिल करने की कोशिश कर रही है।
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