दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख जफर-उल-इस्लाम खान को पद से हटाने के लिए अदालत में याचिका
जमात

नयी दिल्ली, पांच मई दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफर-उल-इस्लाम खान को पद हटाने की मांग करने वाली एक याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में मंगलवार को दायर की गई। खान के खिलाफ कथित राजद्रोह और नफरत फैलाने वाली गतिविधियों के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस जनहित याचिका पर 11 मई को सुनवाई होने की संभावना है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 28 अप्रैल को खान ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक पेज से कथित राजद्रोही और नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों भरा एक पोस्ट किया।

बैंक के एक सेवानिवृत्त अधिकारी सुभाष चंद्र की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि दो मई को एक शिकायत पर दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए और 153ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

वकील अलख आलोक श्रीवास्तव के जरिए दायर याचिका में कहा गया है, “प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद प्रतिवादी संख्या चार (खान) ने तीन मई को कहा कि वह अपनी भड़काऊ टिप्पणी पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने यह गलत खबर दी है कि उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है। “

याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पोस्ट से स्पष्ट है कि यह "भड़काऊ था, जानबूझकर किया गया था और राजद्रोही था, जिसका उद्देश्य समाज में वैमनस्य फैलाना और दरार पैदा करना था।’’

इस याचिका में खान को पद से हटाने के लिए दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल को निर्देश देने की मांग की गई है।

इससे पहले, हिंदू समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ और धमकी भरे बयान के लिए खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली एक और याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। इस पर भी 11 मई को सुनवाई होनी है।

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