कुवैत के हिरासत शिविरों में बंद प्रवासी भारतीय श्रमिकों को स्वदेश लाने के लिये न्यायालय मे याचिका
याचिका के अनुसार कुवैत ने कोविड-19 महामारी के दौरान पेश आयी दिक्कतों के कारण उन सभी को आम माफी दे दी थी जिनके पास वहां रहने के लिये वैध परमिट नहीं थे। याचिका में दावा किया गया है कि शुरू में यह आम माफी 30 अप्रैल तक के लिये दी गयी थी ताकि ये श्रमिक देश से जाने के लिये अपना बंदोबस्त कर लें और ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें जेल में डाल दिया जायेगा।
नयी दिल्ली, 12 मई कुवैत में हिरासत शिविरों में कैद प्रवासी भारतीय श्रमिकों को स्वदेश लाने का सरकार को निर्देश देने के लिये उच्चतम न्यायालय मे एक याचिका दायर की गयी है। याचिका के अनुसार कोविड-19 महामारी के दौरान कुवैत ने इन श्रमिकों को आम माफी दे दी है और ये अभी भी वहां के हिरासत शिविरों मे ही हैं।
याचिका के अनुसार कुवैत ने कोविड-19 महामारी के दौरान पेश आयी दिक्कतों के कारण उन सभी को आम माफी दे दी थी जिनके पास वहां रहने के लिये वैध परमिट नहीं थे। याचिका में दावा किया गया है कि शुरू में यह आम माफी 30 अप्रैल तक के लिये दी गयी थी ताकि ये श्रमिक देश से जाने के लिये अपना बंदोबस्त कर लें और ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें जेल में डाल दिया जायेगा।
यह याचिका कुवैत में फंसे चार भारतीय नागरिकों ने दायर की है। उन्होंने इस याचिका में कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर मौजूदा लॉकडाउन की वजह से अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर पाबंदी की वजह से याचिकाकर्ता और उसकी तरह आम माफी से लाभान्वित होने वाले अन्य लोग भारत लौटने मे असमर्थ है। ये सभी इस समय कुवैत के हिरासत शिविरों में हैं।
याचिका के अनुसार इन हिरासत शिविरों में करीब तीन हजार भारतीय प्रवासी श्रमिक हैं। इन शिविर में बहुत ज्यादा भीड़ है और इनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। शिविरों में समुचित जगह का अभाव होने की वजह से कोविड-19 महामारी से बचने के लिये जरूरी सामाजिक दूरी के नियम का पालन असंभव है और इस वजह से याचिकाकर्ताओं सहित सभी भारतीय श्रमिकों के सामने कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
याचिका में कहा गया है कि कुवैत ने याचिकाकताओं को इसी तरह के अन्य लोगों के साथ अपने विमानों से नि:शुल्क भारत भेजने का प्रस्ताव दिया है।
याचिका में केन्द्र और दूसरे प्राधिकारियों को भारतीय हवाई अड्डों पर कुवैत की उड़ानों को उतरने की सुविधा प्रदान करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इसी तरह, इन शिविरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय श्रमिकों के भोजन, दवा और आपात सुविधाओं के लिये उचित कदम उठाने का निर्देश संबंधित प्राधिकारियों को देने का भी अनुरोध किया गया है।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2020 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

