देश की खबरें | कर्नाटक में एनएलएसआईयू में अधिवास आरक्षण के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बेंगलुरु में स्थित ‘नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी’ में 25 प्रतिशत अधिवास आरक्षण लागू करने के कर्नाटक सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुये दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है।

नयी दिल्ली, दो जुलाई बेंगलुरु में स्थित ‘नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी’ में 25 प्रतिशत अधिवास आरक्षण लागू करने के कर्नाटक सरकार के फैसले की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुये दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है।

यह मामला बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने इस पर सुनवाई करने से इनकार करते हुये इसे अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

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यह मामला जब सुनवाई के लिए आया, तो याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि हाल ही में एक अन्य पीठ ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली (एनएलयूडी) में इस तरह के आरक्षण को लागू करने पर रोक लगा दी थी।

उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (एनसीटीडी) के भीतर मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या संस्थान से क्वालीफाइंग परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के एनएलयूडी के फैसले पर 29 जून को रोक लगा दी थी।

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कर्नाटक राज्य विधानसभा ने इस साल मार्च में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया (संशोधन) अधिनियम 2020 पारित किया और इसे मई में राज्यपाल की स्वीकृति मिली।

संशोधित अधिनियम में कर्नाटक के छात्रों के लिए एनएलएसआईयू में 25 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

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