देश की खबरें | तिरुपति की संपत्ति को कलेक्ट्रेट के रूप में इस्तेमाल करने के खिलाफ याचिका खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई बहुमंजिला इमारत ‘पद्मावती निलयम’ को नव गठित श्री बालाजी जिला कलेक्ट्रेट की स्थापना के लिए इस्तेमाल करने के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
नयी दिल्ली, 30 मार्च उच्चतम न्यायालय ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के श्रद्धालुओं के लिए बनाई गई बहुमंजिला इमारत ‘पद्मावती निलयम’ को नव गठित श्री बालाजी जिला कलेक्ट्रेट की स्थापना के लिए इस्तेमाल करने के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से बुधवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि अदालत को व्यापक जनहित को ध्यान में रखना होगा। पीठ ने कहा कि इसके अलावा उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई है।
तिरुमला तिरुपति की संपत्ति के इस्तेमाल पर लगी रोक को हटाने के आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जी पी रेड्डी ने अपील दायर की थी।
सुनवाई की शुरुआत में रेड्डी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी एस नायडू ने कहा कि संबंधित संपत्ति का इस्तेमाल सरकार द्वारा नहीं होना चाहिए बल्कि भगवान और भक्तों के लिए किया जाना चाहिए।
नायडू ने कहा, ‘‘यह एक धार्मिक संपत्ति है जिसका उपयोग प्रशासन द्वारा नहीं किया जा सकता। यह संपत्ति जनता के लिए है तथा राज्य किसी और की संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सकता है।’’
पीठ ने कहा कि सरकार को एक नया जिला बनाते समय कुछ व्यवस्था करनी होती है और कभी-कभी व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाने पड़ते हैं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ‘‘नए कलेक्ट्रेट की स्थापना विकास से जुड़ा एक कदम है। आप कलेक्ट्रेट के सार्वजनिक सड़क या पेड़ के नीचे संचालित होने की अपेक्षा नहीं कर सकते। यह एक अस्थायी उपाय है।’’
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने एक भवन ‘पद्मावती निलयम’ का निर्माण किया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2019 को किया गया था और भक्तों को आवास प्रदान करने के लिए आंध्र प्रदेश पर्यटन विकास निगम को पट्टे पर दिया गया था। कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद भवन को पृथक-वास केंद्र में बदल दिया गया था। हालांकि, 2022 में, राज्य सरकार ने तिरुपति में मुख्यालय के साथ एक नया जिला श्री बालाजी बनाने के लिए अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना के बाद प्रशासन ने देवस्थानम से नए कलेक्ट्रेट की स्थापना के लिए इसे सौंपने का अनुरोध किया, जो उसने बोर्ड के प्रस्ताव के तहत किया। जल्द ही इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में रिट याचिकाएं दायर की गईं। उच्च न्यायालय ने शुरू में अंतरिम रोक लगाई लेकिन बाद में इसे हटा दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2022 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

