विदेशियों को वापस भेजने के लिए चार्टर्ड उड़ानों के परिचालन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
न्यायमूर्ति जे आर मिड्ढा और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मत व्यक्त किया कि केंद्र और एअर इंडिया ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए पायलटों और चालक दल के सदस्यों को रक्षात्मक किट देने जैसे कदम उठाए हैं।
नयी दिल्ली, 18 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के चलते विदेशियों को उनके देश भेजने के लिए चार्टर्ड उड़ानों का परिचालन करने के केंद्र और एअर इंडिया के फैसले पर कोई हस्तक्षेप करने से इनकार किया है।
न्यायमूर्ति जे आर मिड्ढा और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने मत व्यक्त किया कि केंद्र और एअर इंडिया ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए पायलटों और चालक दल के सदस्यों को रक्षात्मक किट देने जैसे कदम उठाए हैं।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने पायलटों और चालक दल के सदस्यों के भारत लौटने पर उनकी स्क्रीनिंग और जांच तथा घर में पृथकवास के दौरान उठाए जाने वाले कदमों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘कोविड-19 एक अभूतपूर्व महामारी है और सरकार अपनी एअरलाइन के चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है जैसा कि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने आश्वासन दिया है, और ऐसा करना जारी रखेगी...।’’
इसने एअरलाइन के चालक दल के सदस्यों द्वारा किए जा रहे काम का भी संज्ञान लिया और कहा कि संकट की इस घडी में मानवता की सेवा के लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए।
अदालत ने वैभव शर्मा द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी, लेकिन कहा कि वह चाहें तो सरकार को परामर्श देने के लिए स्वतंत्र हैं।
याचिका वकील एचएस नंदा के जरिए दायर की गई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2020 09:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

