देश की खबरें | असम में 27 लाख ‘संदेहास्पद’ नागरिकों को आधार कार्ड जारी करने की मांग पर एजी को मोहलत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में संदेहास्पद नागरिकों के तौर पर समाहित करीब 27 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने की राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव की जनहित याचिका पर अटॉर्नी जनरल (एजी) आर. वेंकटरमणि को निर्देश हासिल करने के लिए बृहस्पतिवार को दो सप्ताह का समय दिया।
नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने असम के राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में संदेहास्पद नागरिकों के तौर पर समाहित करीब 27 लाख लोगों को आधार कार्ड जारी करने की राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव की जनहित याचिका पर अटॉर्नी जनरल (एजी) आर. वेंकटरमणि को निर्देश हासिल करने के लिए बृहस्पतिवार को दो सप्ताह का समय दिया।
प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने निर्देश हासिल करने के लिए समय देने का वेंकटरमणि का अनुरोध स्वीकार कर लिया।
पीठ ने कहा, ‘‘एजी को इस मामले में उचित निर्देश के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाता है। वह (पीठ के समक्ष) अपना नोट रख सकते हैं ताकि अगली तारीख पर मामले का निपटारा किया जा सके।’’
शीर्ष अदालत अब इस मामले की सुनवाई नौ नवम्बर को करेगी।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद देव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत देव ने दलील दी कि पहली एनआरसी सूची में जिन लोगों के नाम शामिल किये गये थे, उन्हें आधार कार्ड मिल गये हैं।
सुष्मिता देव की याचिका पर शीर्ष अदालत ने इस वर्ष 11 अप्रैल को केंद्र सरकार, असम सरकार, भारत के महापंजीयक और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को नोटिस जारी किये थे।
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