देश की खबरें | लोगों में केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी का फायदा मिलेगा उपचुनाव में : दिग्विजय सिंह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी को लेकर लोगों में भाजपा के खिलाफ नाराजगी है जिसका मध्य प्रदेश में 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी को फायदा होगा।

धमतरी (छत्तीसगढ़), 28 अक्टूबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी को लेकर लोगों में भाजपा के खिलाफ नाराजगी है जिसका मध्य प्रदेश में 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी को फायदा होगा।

मध्यप्रदेश के एक लोकसभा और तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए 30 अक्टूबर को मतदान होगा तथा दो नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

कांग्रेस नेता और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल के पिता की मृत्यु के बाद बृहस्पतिवार को शोक व्यक्त करने और उनके परिवार से मिलने धमतरी जिला मुख्यालय पहुंचे सिंह ने नए संसद भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों पर पैसा खर्च करने के लिए केंद्र की आलोचना की।

संवाददाताओं से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश में उपचुनाव से संबंधित सवाल पर सिंह ने कहा, ‘‘देश में मंहगाई बढ़ती जा रही है। पेट्रोल डीजल की कीमतें दुगनी हो रही हैं। केन्द्रीय सीमाशुल्क कर रोज बढ़ रहा है। लोगों को खाद नहीं मिल रहा है। खाद के भाव बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार राज्यों को खाद पर्याप्त मात्रा में नहीं दे रही है। समय पर खाद का आयात नहीं किया गया इसे कृषि मंत्री भी स्वीकार कर चुके हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वहीं नोट बंदी और जीएसटी लागू होने के बाद छोटे उद्योग बंद हो गए। करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए। किसान परेशान है। पूरे तरीके से जनता में नाराजगी है। उसका फायदा उपचुनाव में कांग्रेस को मिलेगा।’’

सिंह ने इस दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार फिजूलखर्ची पर अंकुश नहीं लगा रही है और कहा जा रहा है कि पैसा नहीं है।

सेंट्रल विस्टा को लेकर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी का महल बन रहा है। उपराष्ट्रपति जी का महल बन रहा है। नई बि​ल्डिंगें बन रही हैं। नया संसद भवन बन रहा है। जबकि विश्व की सबसे पुरानी लोकतंत्र व्यवस्था ब्रिटेन की है। वहां आज भी दो सौ साल से ज्यादा पुराना संसद भवन है। वह आज भी वहीं बैठते हैं। इन्हें फिजूलखर्ची रोकनी होगी।’’

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