लॉकडाउन में फंसे लोग अपने घर लौटने को बेचैन

ऊनी वस्त्रों के व्यापारी बरू ने बताया, ‘'मैं पिछले महीने से नैनीताल में कैद हूं। मैं अपने घर जम्मू जाने के लिए बहुत बेचैन हूं लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी नैनीताल से नहीं निकल पा रहा हूं।’’

जमात

देहरादून, 29 अप्रैल जम्मू के रहने वाले विजय बरू व्यापार के सिलसिले में उत्तराखंड के नैनीताल आए थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने के लिए लागू हुए लॉकडाउन के कारण वहीं फंस गये। बरू के साथ जम्मू-कश्मीर के दो दर्जन से अधिक लोग नैनीताल में फंसे हुए है।

ऊनी वस्त्रों के व्यापारी बरू ने बताया, ‘'मैं पिछले महीने से नैनीताल में कैद हूं। मैं अपने घर जम्मू जाने के लिए बहुत बेचैन हूं लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी नैनीताल से नहीं निकल पा रहा हूं।’’

कश्मीर के कुपवाडा क्षेत्र के रहने वाले लियाकत हुसैन, आशिक हुसैन, किश्तवाड के अंकुश कोतवाल और जम्मू के राकेश कुमार की व्यथा भी बरू से जुदा नहीं है, जो अपने-अपने घर लौटने के लिए परेशान हैं।

जम्मू-कश्मीर के इन लोगों की तरह उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर अन्य राज्यों के करीब 1,700 लोग लॉकडाउन के कारण फंसे हुए हैं। इनमें 700-800 विदेशी सैलानी भी हैं जो ऋषिकेश, हरिद्वार जैसे अलग-अलग स्थानों पर रुके हुए हैं।

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, अशोक कुमार ने बताया कि अभी तक 700 विदेशी पर्यटकों को उनके देशों के दूतावासों द्वारा यहां से निकालकर अपने घरों को भेज दिया गया है लेकिन इतने ही विदेशी सैलानी अभी उत्तराखंड में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि यहां से वापस जाने वालों में ज्यादातर अमेरिका, फ्रांस, स्पेन तथा अन्य यूरोपीय देशों के लोग हैं।

इनके अलावा, विभिन्न राज्यों के 30 से 40 हजार प्रवासी मजदूर भी यहां फंसे हुए हैं जो अपने घरों को लौटना चाहते हैं। हालांकि, कुमार ने कहा कि उद्योग गतिविधियों के प्रारंभ होने से घर लौटने की इच्छा रखने वाले मजदूरों की संख्या में बदलाव आ सकता है।

इसी महीने सेवानिवृत्त होने वाले मध्य प्रदेश के सिंगरोली जिले के त्रिलोकी कुमार कर भी देहरादून की बद्रीश कॉलोनी में कैद होकर रह गये हैं। कर ने कहा कि वह देहरादून में अपनी पुत्री से मिलने आए थे लेकिन लॉकडाउन के कारण यहां से नहीं निकल पाए।

उन्होंने कहा, ‘‘ मेरी दिली इच्छा थी कि अपनी सेवानिवृत्ति का दिन अपने सहकर्मियों के साथ बिताऊं। लेकिन लॉकडाउन में फंसने के चलते यह सपना अधूरा रह गया।’’

कश्मीर के लियाकत हुसैन ने कहा, ‘‘मैं यहां की सरकार से आग्रह करता हूं कि हमें नैनीताल से निकाल कर हमारे घर जाने का बंदोबस्त कर दे।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs New Zealand 3rd ODI Match Preview: कल टीम इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकार्ड्स, मिनी बैटल, स्ट्रीमिंग समेत सभी डिटेल्स

DC vs RCB, WPL 2026 11th Match Scorecard: नवी मुंबई में दिल्ली कैपिटल्स महिला ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला के सामने रखा 167 रनों का टारगेट, शैफाली वर्मा ने जड़ा ताबड़तोड़ अर्धशतक; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

India vs New Zealand 3rd ODI Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा टीम इंडिया बनाम न्यूजीलैंड के बीच तीसरा वनडे मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

India vs New Zealand 3rd ODI Match Stats And Preview: तीसरे वनडे मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज पर कब्जा करना चाहेगी टीम इंडिया, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

\