देश की खबरें | केरल के लोग वाम सरकार और कांग्रेस नीत विपक्ष को आराम दें: नड्डा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे की सरकार और कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन यूडीएफ की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों ही दल भ्रष्ट हैं और उनमें दूरदृष्टि की कमी है।
त्रिशूर, चार फरवरी भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बृहस्पतिवार को केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे की सरकार और कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन यूडीएफ की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों ही दल भ्रष्ट हैं और उनमें दूरदृष्टि की कमी है।
नड्डा ने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य के लोग वाम सरकार और कांग्रेस नीत विपक्ष को “आराम” दें तथा कमल को खिलने में सहायता करें।
उन्होंने कहा कि पिनराई विजयन सरकार निकम्मी है और राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है।
सबरीमला मुद्दे पर यूडीएफ को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यूडीएफ ने श्रद्धालुओं की पीठ में छुरा घोंपा है।
गौरतलब है कि यूडीएफ, आगामी विधानसभा चुनाव में सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
नड्डा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सारे मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल पर विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं और राज्य के राजस्व घाटे को कम करने के लिए 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अलग रखी गई है।
नड्डा ने कहा, “एलडीएफ और यूडीएफ भ्रष्ट हैं, दोनों निकम्मे हैं, उनके पास कोई विजन नहीं है और केवल सत्ता हथियाना उनका लक्ष्य है। केरल के लोगों के लिए समय आ गया है कि वह उन्हें आराम दें और हमें काम करने दें।”
उन्होंने कहा, “उनके राजनीतिक दलों में शामिल नेताओं ने केरल को बदनाम किया है। पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ और ओमान चांडी तथा रमेश चेन्निथला की अगुवाई वाले यूडीएफ ने केरल को बदनाम किया है। यह भ्रष्टाचार से भरे हुए हैं। कानून व्यवस्था चरमरा गई है।”
भाजपा अध्यक्ष ने राज्य के कोविड-19 प्रबंधन की भी आलोचना की और कहा कि राज्य में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “उन्होंने कोविड-19 की स्थिति को बिगाड़ कर रख दिया है। यहां एक अभियान चलाया जा रहा है कि केरल मॉडल को अपनाओ। केरल मॉडल क्या है? पचास प्रतिशत से अधिक मामले केरल के हैं।”
नड्डा ने कहा, “इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि जनसंख्या घनी होने के कारण मामले बढ़ रहे हैं। यह किस प्रकार का बयान है? मुझे दुख होता है क्योंकि मैं स्वास्थ्य मंत्री रह चुका हूं और निपाह के समय राज्य की सहायता कर चुका हूं।”
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