विदेश की खबरें | स्वीडन में कुरान की बेअदबी को लेकर मुस्लिम देशों में लोगों ने प्रदर्शन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इससे एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने इराक स्थित स्वीडन दूतावास में तोड़फोड़ की थी।
इससे एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने इराक स्थित स्वीडन दूतावास में तोड़फोड़ की थी।
बृहस्पतिवार को दूतावास में तोड़फोड़ और हंगामे के विपरीत इराक, लेबनान और ईरान में जुमे की नमाज के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहे।
स्वीडन की समाचार एजेंसी ‘टीटी’ के मुताबिक, हंगामे से पहले दूतावास के कर्मचारियों को हटा दिया गया था। इसके मुताबिक, सुरक्षा कारणों से उन्हें स्टॉकहोम में स्थानांतरित कर दिया गया था।
शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच विरोध-प्रदर्शन के लिए हजारों लोग बगदाद के सद्र शहर में एकत्र हुए, जो प्रभावशाली इराकी शिया मौलवी और राजनीतिक नेता मुक्तदा अल-सद्र का गढ़ है। इनके कुछ अनुयायी स्वीडिश दूतावास पर हमले में शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों ने कुरान की प्रति लहराई, स्वीडन के ध्वज को जलाया और नारेबाजी की।
इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहें।
बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में ईरान समर्थित मिलिशिया और राजनीतिक दल हिजबुल्लाह द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। कुछ लोगों ने स्वीडन के झंडे जलाये।
हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह ने बृहस्पतिवार रात एक वीडियो संबोधन में मुसलमानों से आह्वान किया कि वे अपनी सरकारों से स्वीडन के राजदूतों को निष्कासित करने की मांग करें।
इराक ने पहले ही स्वीडन के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं।
ईरान में हजारों लोगों ने तेहरान और देशभर के अन्य शहरों में मार्च कर स्वीडन की घटना पर रोष जताया।
स्वीडन की पुलिस ने बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी जिसमें स्टॉकहोम में रहने वाले एक इराकी ईसाई ने इराकी दूतावास के बाहर इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान की बेअदबी की थी।
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