ताजा खबरें | पेंशनभोगियों का 'भविष्य में अच्छा आचरण' 1958 से नियमों में शामिल है: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि 'पेंशनभोगियों का भविष्य में अच्छा आचरण' 1958 से पेंशन देने और उसे जारी रखने के नियमों में है।

नयी दिल्ली, 10 अगस्त सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि 'पेंशनभोगियों का भविष्य में अच्छा आचरण' 1958 से पेंशन देने और उसे जारी रखने के नियमों में है।

यह उत्तर उस सवाल के जवाब में आया जिसमें पूछा गया था कि इस साल अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमों में संशोधन करने का कारण क्या है, ‘‘जिसके कारण सरकार को सेवानिवृत्त अधिकारियों को चेतावनी देने की जरूरत पड़ी कि पेंशन के लिए 'भविष्य में अच्छा आचरण' होना जरूरी है।’’

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 का नियम 3(1) इस प्रकार है: 'पेंशनभोगियों का भविष्य में अच्छा आचरण पेंशन के प्रत्येक अनुदान और इसकी निरंतरता की एक अंतर्निहित शर्त है'।’’

उन्होंने कहा, ''भविष्य में अच्छे आचरण'' की शर्त 18 अगस्त, 1958 से नियमों में मौजूद है और इस उप-नियम में संशोधन नहीं किया गया है।''

छह जुलाई, 2023 को अखिल भारतीय सेवाओं के ऐसे सदस्यों के संबंध में संशोधन किया गया था, जिन्होंने सामग्री/संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन को विनियमित करने के लिए किसी भी खुफिया या सुरक्षा-संबंधी संगठन में काम किया है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह का प्रावधान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 में केंद्र सरकार के उन अधिकारियों के लिए भी है, जिन्होंने किसी खुफिया या सुरक्षा से संबंधित संगठन में काम किया है।

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