ताजा खबरें | दंड विधेयक चर्चा चार अंतिम रास

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. शिवसेना के संजय राउत ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर आशंका जतायी कि इसका दुरूपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पहले भी अपराधियों की पहचान होती रही है और कई आतंकवादियों को फांसी की सजा भी हो चुकी है।

शिवसेना के संजय राउत ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर आशंका जतायी कि इसका दुरूपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पहले भी अपराधियों की पहचान होती रही है और कई आतंकवादियों को फांसी की सजा भी हो चुकी है।

उन्होंने आशंका जतायी कि अगर कोई सरकार से सवाल करे या उसका विरोध करे तो उसके खिलाफ इस कानून का दुरूपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून के जरिए देश को पुलिस राज्य बनाना चाहती है और पुलिस को व्यापक अधिकार दे रही है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सदस्य फौजिया खान ने कहा कि लोगों के मन में आशंकाएं हैं कि इसके प्रावधानों का दुरूपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों के समानता का अधिकार और मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि इस विधेयक के प्रावधानों में आपात काल की झलक दिखती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और यहां तक कि उनके खिलाफ भी उत्तर प्रदेश में एक दिन में नौ मामले दर्ज कर लिए गए। सिंह ने सत्ता पक्ष से कहा कि आने वाले समय में अगर वे सत्ता में नहीं रहे तो इस कानून का उनके खिलाफ भी दुरूपयोग हो सकता है।

सिंह ने सवाल किया कि देश से करोड़ों रूपए लेकर भाग गए कारोबारियों को वापस कैसे लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका सुझाव है कि 50 करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण लेने वाले लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाने चाहिए जिससे वे देश से बाहर भाग नहीं सकें।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विश्वम ने भी आशंका जतायी कि इस कानून का दुरूपयोग हो सकता है। वहीं भाजपा सदस्य बृजलाल ने कहा कि अपराधियों द्वारा नयी-नयी तकनीक अपनाए जाने के कारण जरूरी है कि पुलिस को भी नयी प्रौद्योगिकी से लैस किया जाए। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में पुराने कानून की कोई उपयोगिता नहीं रह गयी है और नया कानून समय की मांग है।

उन्होंने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला और जब उसकी उत्तर प्रदेश में सरकार थी तो आतंकवादियों के खिलाफ दर्ज कई मामले वापसे ले लिए गए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने तुष्टीकरण की नीति के तहत ऐसे कदम उठाए और उस पार्टी को कानून के दुरूपयोग होने के बारे में बोलने का कोई हक नहीं है।

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