देश की खबरें | बेंगलुरु में बोम्मई की तस्वीर वाले ‘पेसीएम’ पोस्टर, जांच के आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बेंगलुरु के कई हिस्सों में बुधवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की तस्वीर वाले ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिन पर ‘पेसीएम’ लिखा हुआ था। इसके बाद नाराज बोम्मई ने जांच के आदेश दिये।
बेंगलुरु, 21 सितंबर बेंगलुरु के कई हिस्सों में बुधवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की तस्वीर वाले ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिन पर ‘पेसीएम’ लिखा हुआ था। इसके बाद नाराज बोम्मई ने जांच के आदेश दिये।
मुख्यमंत्री ने इसे ‘छद्म अभियान’ करार देते हुए कहा कि ये न केवल उनकी बल्कि कर्नाटक की छवि भी खराब करते हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मुझे और कर्नाटक को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है। मैंने संबंधित अधिकारियों को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। हम जांच करवाकर पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन लोग हैं।’’’
बोम्मई ने कहा, ‘‘यह सोशल मीडिया पर बेबुनियाद अभियान है। सब जानते हैं कि इस तरह की चीजें कैसे की जाती हैं। लोग भी जानते हैं कि इस तरह का अभियान कैसे चलाया जाता है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसलिए आहत हैं क्योंकि इस तरह के अभियान के कारण उनसे ज्यादा कर्नाटक बदनाम हो रहा है। बोम्मई ने कहा, ‘‘इसलिए, हमने इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला किया है।’’
शहर के मध्य क्षेत्र में दिखाई दिये ये पोस्टर ऑनलाइन भुगतान ऐप पेटीएम के विज्ञापनों से मिलते-जुलते थे।
पोस्टर में बने क्यूआर कोड के बीच में बोम्मई के चेहरे की तस्वीर लगाते हुए लिखा गया था, “40 फीसदी यहां लिया जाता है।”
सूत्रों के अनुसार, ‘‘इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर लोग कांग्रेस द्वारा रिश्वतखोरी की शिकायतों के लिए शुरू की गयी 40 प्रतिशत ‘सरकार’ वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं।’’
यह घटनाक्रम कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे आक्रामक अभियान के बीच हुआ है। पार्टी ने राज्य सरकार पर सार्वजनिक ठेके देने और सरकारी पदों पर भर्ती में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
ठेकेदारों के एक संगठन ने हाल में आरोप लगाया था कि उन्हें लोक निर्माण से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए 40 प्रतिशत कमीशन देना होता है। सरकार ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया।
अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही शहर से संबंधित पोस्टर हटा दिए गए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस की करतूत है।
भाजपा के राज्य मीडिया प्रकोष्ठ के प्रभारी करुणाकर खसले ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘निस्संदेह यह कांग्रेस की करतूत है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई जांच का आदेश दे चुके हैं और इस शरारत में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किये गये हैं।’’
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