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जरुरी जानकारी | विदेशों में भाव गिरने से मूंगफली, सोयाबीन, कच्चा पॉम तेल में गिरावट, सरसों में मजबूती जारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों में खाद्य तेलों में गिरावट का सिलसिला जारी है। मलेशिया एक्सचेंज में 1.75 प्रतिशत और शिकागो एक्सचेंज में 1.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को मूंगफली दाना एवं मूंगफली तेल, सोयाबीन दाना एवं तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट रही।

जरुरी जानकारी | विदेशों में भाव गिरने से मूंगफली, सोयाबीन, कच्चा पॉम तेल में गिरावट, सरसों में मजबूती जारी

नयी दिल्ली, 29 सितंबर विदेशों में खाद्य तेलों में गिरावट का सिलसिला जारी है। मलेशिया एक्सचेंज में 1.75 प्रतिशत और शिकागो एक्सचेंज में 1.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को मूंगफली दाना एवं मूंगफली तेल, सोयाबीन दाना एवं तेल तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट रही।

दूसरी ओर स्थानीय मांग होने के बावजूद सरकार द्वारा सरसों तेल में मिलावट पर रोक लगाने की पहल के साथ साथ नाफेड द्वारा सरसों बिक्री की कम कीमत की बोली को निरस्त किये जाने की घटनाओं से सरसों तिलहन और तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। नाफेड के सीमित मात्रा में सरसों बिक्री के लिए सवाई माधोपुर (राजस्थान) में 5,415 रुपये क्विन्टल की बोली लगी है तथा हरियाणा के महेन्द्रगढ़ में जो सोमवार को 5,051 रुपये क्विन्टल की बोली लगी थी उसे नाफेड ने निरस्त कर दिया है।

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सूत्रों ने कहा कि जरुरत होने पर नाफेड बहुत सीमित मात्रा में ही बाजार में सरसों की बिक्री करती है और कम बोली को नजरअंदाल कर रही है। वह सोच समझ के साथ कदम उठा रही है क्योंकि सरसों की अगली फसल आने में अभी पांच छह महीने की देर है और इसलिए सीमित बिकवाली का कदम उठा रही है।

देश में बढ़ते सस्ते आयात के कारण मूंगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल ही हालत पस्त है। किसानों को अपनी लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। सोयाबीन डीगम का आयात बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमतों में नरमी रही जबकि मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के कारण सीपीओ और पामोलीन दिल्ली की कीमतों में गिरावट आई।

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बाजार के जानकारों का कहना है कि सोयाबीन डीगम का निरंतर आयात बढ़ रहा है और आयात में आगे और वृद्धि होने की संभावना है। इस स्थिति से देश के तिलहन उत्पादकों को बचाने के लिए सरकार को सस्ते आयात पर अंकुश लगाने के लिए आयात शुल्क बढ़ाने जैसे कुछ सख्त उपायों को करना होगा।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,500 - 5,550 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,855- 4,905 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,350 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,840 - 1,900 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,695 - 1,845 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,815 - 1,935 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,700 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,580 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,700 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,690 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,300 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,080 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,300 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 3,765- 3,790 लूज में 3,615 -- 3,665 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2020 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).