जरुरी जानकारी | मूंगफली तेल-तिलहन स्थिर, अन्य के भाव में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अधिक लागत वाले देशी तेल-तिलहन के मुकाबले आयातित तेलों के सस्ता होने और इसके कारण देशी तेल-तिलहनों की लिवाली कमजोर रहने से बुधवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में मूंगफली तेल-तिलहन को छोड़कर बाकी सभी तेल- तिलहन (सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल) कीमतों में गिरावट रही।

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर अधिक लागत वाले देशी तेल-तिलहन के मुकाबले आयातित तेलों के सस्ता होने और इसके कारण देशी तेल-तिलहनों की लिवाली कमजोर रहने से बुधवार को देश के तेल-तिलहन बाजारों में मूंगफली तेल-तिलहन को छोड़कर बाकी सभी तेल- तिलहन (सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा बिनौला तेल) कीमतों में गिरावट रही।

मलेशिया में गिरावट है, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों की भारी मात्रा में मौजूदगी के बीच ऊंची लागत वाले देशी तेल-तिलहन के लिवाल नहीं हैं। घाटे में देशी तेल-तिलहनों की बिक्री किये जाने के बावजूद ये सस्ते आयातित तेलों का मुकाबला करने में असमर्थ हैं। कई सरसों, बिनौला तेल मिलें तो बंद होने के कगार पर हैं। देश के तेल व्यापारी, आयातक पहले ही नुकसान की स्थिति में हैं। लंबे समय से जारी घाटे के कारोबार के बीच किसी के पास भी इतना पैसा नहीं रह गया है कि आयातित तेलों को रोककर ऊंचा दाम मिलने का इंतजार कर सकें। लिवाली नहीं होने या तेल नहीं बिकने की वजह से देश के तेल व्यापारी, तिलहन किसान और पेराई मिलें सबकी हालत खराब है। उपभोक्ता इसलिए परेशान है कि खाद्य तेलों के थोक दाम सस्ता होने के बावजूद खुदरा दाम अपनी जगह टिके हुए हैं यानी उपभोक्ता पहले की तरह ही इन खाद्य तेलों के लिए अधिक दाम का भुगतान करने को बाध्य हैं। सबसे बुरा यह है कि इन स्थितियों की खोज खबर लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। तेल संगठनों से सभी अंशधारकों को बेहद निराशा है कि वे न तो सरकार को वास्तविक परिस्थिति से अवगत करा पाये न ही तेल कारोबार के अंशधारकों के पक्ष में सरकार से कोई फैसला करवा सके। सरसों, बिनौला सभी में नुकसान की ही स्थिति है।

उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा सस्ते में बिकवाली नहीं करने तथा जाड़े में मूंगफली की सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट) के रूप में थोड़ी घरेलू मांग होने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्ववत बने रहे।

बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,490-5,540 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,875-6,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,385-2,660 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,715 -1,810 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,715 -1,825 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,225 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,680 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,045-5,095 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,845-4,895 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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