नयी दिल्ली, 10 फरवरी कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय को लेकर सोमवार को पलटवार करते हुए कहा कि वह इस समाचार पत्र को पढ़ते ही नहीं हैं।
‘सामना’ ने सोमवार को अपने संपादकीय में कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के एक-दूसरे से लड़ने के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत में फायदा मिला।
आप और कांग्रेस विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के सदस्य हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखपत्र ने यह सवाल भी उठाया कि अगर विपक्षी दलों के गठबंधन के घटक दल भाजपा के बजाय एक दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे तो गठबंधन की क्या जरूरत है?
इस बारे में पूछे जाने पर पटोले ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘भाजपा का कौन सा गठबंधन बचा है। हमारे गठबंधन में घटक दलों की संख्या ज्यादा है। गठबंधन (का स्वरूप) कोई स्थायी तो नहीं होता, कोई स्टांप पेपर पर लिखा तो होता नहीं है। गठबंधन अपने अपने विचारधारा के हिसाब से काम करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा के ऊपर आरोप लगाना गलत है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जिस अखबार का उल्लेख कर रहे हैं वो अखबार हम पढ़ते ही नहीं हैं।’’
पटोले ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संसद भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाओं के विषय को लेकर वह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से मिले और नेता प्रतिपक्ष ने विश्वास दिलाया कि वह इस विषय को सदन में उठाएंगे।
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