देश की खबरें | पटोले ने कहा कि मुझपर नजर रखी जा रही, राकांपा ने दावे को अधूरी जानकारी पर आधारित बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि राज्य सरकार उनकी आवाजाही पर नजर रख रही है और महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में सहयोगी दलों शिवसेना तथा राकांपा को लगता है कि उनकी पार्टी के बढ़ते प्रभाव के कारण उनके पैरों तले से जमीन खिसक रही है।

मुंबई, 12 जुलाई कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा है कि राज्य सरकार उनकी आवाजाही पर नजर रख रही है और महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में सहयोगी दलों शिवसेना तथा राकांपा को लगता है कि उनकी पार्टी के बढ़ते प्रभाव के कारण उनके पैरों तले से जमीन खिसक रही है।

निगरानी रखे जाने के पटोले के बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने सोमवार को कहा कि पटोले का दावा अधूरी जानकारी पर आधारित है जबकि शिवसेना ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन में सबकुछ ठीक है। राज्य का गृह मंत्रालय राकांपा के कोटे में आता है।

पटोले ने सप्ताहांत के दौरान मुंबई से लगभग 125 किलोमीटर दूर एक हिल स्टेशन लोनावला में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र में खुद को फिर से मजबूत कर रही है और इससे शिवसेना तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में बेचैनी है।

पटोले ने अपने भाषण में शिवसेना और राकांपा का नाम लिये बिना उनका जिक्र किया। कांग्रेस शिवेसना के नेतृत्व वाले तीन दलों के गठबंधन एमवीए की सरकार का हिस्सा है।

उन्होंने यह संकेत देने की भी कोशिश की कि सरकार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, ''हर सुबह 9 बजे, राज्य में क्या हो रहा है, इस पर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को खुफिया रिपोर्ट सौंपी जाती है। कांग्रेस खुद को पुनर्जीवित कर रही है और रिपोर्ट उनके पैरों के नीचे की जमीन खिसका रही है। मैं यहां लोनावला में हूं और यह जानकारी उनके पास जाएगी।''

इस बीच, पटोले ने बाद में एक मराठी समाचार चैनल को बताया कि उनकी आवाजाही पर नजर रखने के उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है।

उन्होंने कहा, ''मैंने कोई टिप्पणी नहीं की है कि राज्य सरकार मुझ पर नजर रख रही है। मेरे आरोप केंद्र के खिलाफ थे। मैं मुंबई लौटने पर स्पष्टीकरण दूंगा।''

इस बीच, राकांपा ने कहा कि खुफिया विभाग द्वारा निगरानी रखे जाने का पटोले का दावा अधूरी जानकारी पर आधारित है।

राकांपा के प्रवक्ता तथा राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि महत्वपूर्ण नेताओं की आवाजाही, मुलाकातों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिये पुलिस के पास विशेष विभाग होता है।

उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से चली आ रही प्रथा है चाहे कोई भी पार्टी या गठबंधन सत्ता में हो। उन्होंने कहा कि प्रासंगिक जानकारी एकत्र कर एक व्यापक रिपोर्ट गृह विभाग और मुख्यमंत्री को सौंपी जाती है।

मलिक ने कहा, ''अगर पटोले इस प्रक्रिया से अनजान हैं, तो उन्हें कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण, सुशील कुमार शिंदे, पृथ्वीराज चव्हाण से सलाह लेनी चाहिए।''

राकांपा के मंत्री ने कहा कि अगर पटोले अपने या अपनी पार्टी के नेताओं के लिए पुलिस 'बंदोबस्त' (सुरक्षा व्यवस्था) नहीं चाहते हैं, तो उन्हें एक आवेदन करना चाहिए और गृह मंत्री उस पर निर्णय लेंगे।

कांग्रेस नेता और मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा, ''मुझे नहीं पता कि उनका (पटोले) क्या मतलब था। वह ही इसे समझा सकते हैं।''

शिवसेना नेता और मंत्री एकनाथ शिंदे ने पटोले की टिप्पणी को तवज्जो न देते हुए कहा कि एमवीए अच्छा काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, ''शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबधन अच्छी तरह काम कर रहा है।''

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