पटना, 21 जुलाई पटना की एमपी/एमएलए अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक अनंत सिंह को उनके सरकारी आवास से हथियार और विस्फोटक बरामद होने के एक मामले में बृहस्पतिवार को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
इससे पहले अदालत ने एक अन्य आपराधिक मामले में सिंह को दोषी ठहराया था, जिसके बाद पिछले सप्ताह उन्हें विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिया गया था।
सिंह बाहुबली नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्हें एमपी-एमएलए (सासंद-विधायक) अदालत के विशेष न्यायाधीश त्रिलोकी नाथ दुबे ने 2015 में उनके सरकारी आवास से बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य हथियार बरामद होने के मामले में यह सजा सुनाई।
इससे पहले जून में अदालत ने सिंह को वर्ष 2019 में उनके मोकामा स्थित पैतृक निवास से एके 47 राइफल, रॉकेट लॉन्चर और हथगोले बरामद होने के एक अन्य मामले में समान सजा सुनाई थी। वर्ष2005 से मोकामा विधानसभा सीट से जीत रहे सिंह पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाते थे। हालांकि, 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उनका नीतीश के साथ कथित मतभेद हो गया था। इसके चलते उन्हें जदयू से बाहर होना पड़ा। बाद में वह राजद में शामिल हो गए थे।
मोकामा मामले में उनकी दोषसिद्धि के मद्देनजर विधानसभा ने 14 जुलाई को अधिसूचना जारी कर सिंह को अयोग्य घोषित कर दिया था। सिंह ने अदालत के नवीनतम आदेश पर मीडिया से बातचीत के दौरान न्यायाधीश के खिलाफ टिप्पणी की।
अदालत के सूत्रों का मानना है कि कथित टिप्पणियों के लिए पूर्व विधायक पर अवमानना का मामला चलाया जा सकता है।
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