देश की खबरें | संसद के जवाब का अनुमोदन नहीं किया:लेखी ; विदेश मंत्रालय ने ‘प्रक्रियागत गलती’ बताई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के यह कहने के बाद एक राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया कि उन्होंने हमास को आतंकी संगठन घोषित करने के बारे में शुक्रवार को लोकसभा के पटल पर रखे गए एक प्रश्न का अनुमोदन नहीं किया था। इसके बाद, सरकार को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा कि यह एक ‘प्रक्रियागत गलती’ थी।

नयी दिल्ली, नौ दिसंबर विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी के यह कहने के बाद एक राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया कि उन्होंने हमास को आतंकी संगठन घोषित करने के बारे में शुक्रवार को लोकसभा के पटल पर रखे गए एक प्रश्न का अनुमोदन नहीं किया था। इसके बाद, सरकार को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा कि यह एक ‘प्रक्रियागत गलती’ थी।

लेखी की टिप्पणी की विपक्षी दलों द्वारा आलोचना किये जाने और घटना को नियमों का गंभीर उल्लंघन बताये जाने पर विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि अतारांकित प्रश्न का जवाब देने में वी मुरलीधरन को राज्यमंत्री के रूप में दर्शाने के लिए एक तकनीकी सुधार की आवश्यकता है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह उपयुक्त रूप से किया जा रहा है।’’

लेखी ने इस मुद्दे पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जवाब में कहा, ‘‘आपको गलत सूचना मिली है क्योंकि मैंने इस प्रश्न और उत्तर वाले किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किया है।’’

‘हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने’ के शीर्षक वाला अतारांकित प्रश्न संख्या 980 कांग्रेस सांसद कुंभकुडी सुधाकरन द्वारा पूछा गया था।

अतारांकित प्रश्न क्रमांक 980 को लोकसभा की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था, जिसमें उत्तर देने वाले के रूप में लेखी का नाम था।

लेखी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैंने इस उल्लंघन की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और (विदेश मंत्री) एस जयशंकर को दी है और विदेश सचिव को फोन किया है तथा उन्हें जांच करने के लिए कहा है। जिन लोगों ने ऐसा किया है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।’’

लेखी और मुरलीधरन दोनों विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं।

जब सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता द्वारा इस बात का उल्लेख किया गया कि लोकसभा और विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर उनके नाम से उल्लिखित एक प्रश्न है, तो इसका जवाब देते हुए लेखी ने कहा, ‘‘आपको गलत जानकारी दी गई है, क्योंकि मैंने इस सवाल और इसके जवाब से संबंधित किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किया है।’’

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘जांच से अपराधी का पता चल जाएगा।’’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हमने देखा है कि 8 दिसंबर को लोकसभा की अतारांकित प्रश्न संख्या 980 का जो जवाब दिया गया है, उसमें उत्तर देने वाले के रूप में वी मुरलीधरन का नाम दर्शाने के लिये तकनीकी सुधार की आवश्यकता है। यह उपयुक्त रूप से किया जा रहा है।"

संसद के निचले सदन में कन्नूर का प्रतिनिधित्व करने वाले सुधाकरन ने पूछा था कि क्या सरकार के पास हमास को भारत में आतंकवादी संगठन घोषित करने का कोई प्रस्ताव है, यदि हां, तो उसका विवरण और यदि नहीं, तो क्या कारण हैं?

उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या इजराइल सरकार ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए भारत सरकार से कोई मांग उठाई है, यदि हां, तो उसका विवरण क्या है?

प्रश्न का उत्तर शुक्रवार को दिया गया और यह लोकसभा वेबसाइट पर अतारांकित प्रश्नों की सूची में शामिल है।

प्रश्न के लिखित उत्तर में लेखी के हवाले से कहा गया था, ‘‘किसी संगठन को आतंकवादी घोषित करना गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आता है और किसी भी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करने के बारे में संबंधित सरकारी विभागों द्वारा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाता है।’’

कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेताओं ने लेखी पर कटाक्ष किया क्योंकि मंत्री का सार्वजनिक बयान लोकसभा द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को उनके लॉग-इन आईडी और पासवर्ड दुबई स्थित एक व्यवसायी से जुड़े लोगों से साझा करने के आरोप में निष्कासित करने के ठीक बाद आया है।

शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘क्या वह (लेखी) यह दावा कर रही हैं कि यह एक फर्जी जवाब है, यदि हां तो यह एक गंभीर मामला और तय नियमों का उल्लंघन है। स्पष्टीकरण मिलता है तो विदेश मंत्रालय की आभारी रहूंगी।’’

शिवसेना(यूबीटी) की राज्यसभा सदस्य चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘किसी और के माध्यम से प्रश्न पूछने के कारण कल एक सांसद (महुआ मोइत्रा) को निष्कासित कर दिया गया, आज एक मंत्री ने इस बात से इनकार किया कि संसदीय प्रश्न का उत्तर उनके द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया था, क्या इसकी भी जांच नहीं की जानी चाहिए? क्या जवाबदेही की मांग नहीं होनी चाहिए?, चाहे विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया कितनी भी सहज क्यों न हो।’’

कांग्रेस नेता अभिताभ दुबे ने कटाक्ष करते हुए लेखी से सवाल किया, ‘‘आपके लिए किसने लॉग इन किया?’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\