जरुरी जानकारी | संसदीय समिति की फार्मा को ‘रणनीतिक क्षेत्र’ का दर्जा देने की सिफारिश
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नयी दिल्ली, 29 जनवरी संसद की एक समिति ने फार्मा उद्योग को ‘रणनीतिक क्षेत्र’ का दर्जा देने की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि देश को मजबूत घरेलू दवा कंपनियों की जरूरत है।
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की अगुवाई वाली सार्वजनिक उपक्रम समिति ने शुक्रवार को संसद में घाटे वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) पर समीक्षा रिपोर्ट पेश की।
समिति ने कहा है कि किसी भी देश के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की घरेलू स्तर पर जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समिति ने कहा कि उसका मानना है कि फार्मा क्षेत्र देश को स्वस्थ और मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मौजूदा महामारी के दौर में यह साबित हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि समिति फार्मा क्षेत्र को ‘रणनीतिक क्षेत्र’ के रूप में वर्गीकृत करने और इसके अनुरूप आगे आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करती है।
रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि फार्मा सार्वजनिक उपक्रमों मसलन हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लि., आईडीपीएल आदि को विदेशी विशेषरूप से चीन की कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है, ‘‘फार्मास्युटिकल्स विभाग ने भी समिति को सूचित किया है कि फार्मा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के नुकसान में रहने की वजह पुराने पड़ चुके संयंत्र और मशीनरी तथा पुरानी प्रौद्योगिकी है।’’
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