देश की खबरें | संसदीय समिति ने बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों से सवाल-जवाब किये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने डिजिटल बाजार में समान अवसर सुनिश्चित करने की वकालत करते हुए अंतरिक्ष में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा की।

नयी दिल्ली, 23 अगस्त संसद की एक समिति ने डिजिटल बाजार में समान अवसर सुनिश्चित करने की वकालत करते हुए अंतरिक्ष में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए कानूनी रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा की।

वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों गूगल, अमेजॉन, एप्पल और अन्य से कथित प्रतिस्पर्धा रोधी तरीकों पर सवाल जवाब किये।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में समिति के अनेक सदस्यों ने बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बाजार में प्रभुत्व के विषय पर सवाल किये। सूत्रों के अनुसार सदस्यों ने कहा कि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां अन्य कंपनियों के कामकाज में बाधा पैदा कर रहीं हैं और भारतीय कंपनियों को खत्म कर रही हैं।

सूत्रों ने कहा कि बैठक में जब सभी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने कहा कि भारतीय डिजिटल बाजार में और नियमन की आवश्यकता नहीं है तो एक सदस्य ने कहा कि यदि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां इतना असहयोगात्मक रुख रखेंगी तो उन्हें यह सांसदों के सीमित विवेक पर छोड़ देना चाहिए कि वे जिस तरह ठीक समझें, नियमन करें।

समिति के सदस्यों ने सुझाया कि वे ऐसा कानून चाहते हैं जो व्यापार के लिहाज से प्रतिकूल नहीं हो लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की भी रक्षा करता हो।

एप्पल, गूगल, अमेजॉन, फेसबुक, ट्विटर, नेटफ्लिक्स और उबर की भारतीय शाखाओं के शीर्ष अधिकारियों ने समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली समिति बाजार में प्रतिस्पर्धा के, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी कंपनियों से संबंधित अनेक पहलुओं पर विचार कर रही है।

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