जरुरी जानकारी | संसदीय समिति ने मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े मसलों का समाधान करने को कहा

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नयी दिल्ली, 30 नवंबर वाणिज्य मंत्रालय से संबद्ध संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि अमेरिका एवं यूरोपीय संघ समेत प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ विचाराधीन मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर हस्ताक्षर से जुड़े मसलों का समाधान किया जाए।

वाणिज्य मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में मंत्रालय से एफटीए की राह में आ रही बाधाएं दूर करने को कहा है। समिति ने कहा है कि घरेलू बाजार एवं निर्यातकों के हितों का ध्यान रखते हुए इन एफटीए को अंतिम रूप दिया जाए।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निर्यातक एफटीए नहीं होने से अमेरिकी एवं यूरोपीय बाजारों में प्रतिस्पर्द्धा में पीछे रह जाते हैं। हालांकि संसदीय समिति ने वाणिज्य मंत्रालय को यह सुझाव जरूर दिया है कि अमेरिका एवं यूरोपीय संघ के साथ एफटीए की शर्तों को अंतिम रूप देते समय घरेलू क्षेत्रों की चिंताओं का भी ध्यान रखा जाए।

इस समिति के मुताबिक, घरेलू क्षेत्र को संरक्षण देना अहम होने के साथ ही वैश्विक बाजारों में निर्यातकों के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों का भी ध्यान रखना जरूरी है।

मुक्त व्यापार समझौता होने पर दोनों व्यापार साझेदार आपसी कारोबार वाले अधिकतम उत्पादों पर सीमा शुल्क या तो खत्म कर देते हैं या बहुत कम कर देते हैं। इसके अलावा सेवाओं में व्यापार बढ़ाने और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े मानकों में भी ढील दी जाती है।

संसदीय समिति ने ब्याज सब्सिडी योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ाने की भी सिफारिश की है। समिति ने देश का निर्यात वर्ष 2019-20 से ही लगभग स्थिर रहने पर भी चिंता जताई है।

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