देश की खबरें | संसदीय समिति ने बेहतर सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रवासी श्रमिकों को ईएसआई, ईपीएफ के लाभ देने की वकालत की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. श्रम संबंधी संसदीय समिति ईएसआई और ईपीएफ के फायदे प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या और वेतन के मानदंडों को समाप्त करने की वकालत कर रही है ताकि प्रवासी श्रमिकों को इनका लाभ मिल सके जो लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

नयी दिल्ली, 12 जुलाई श्रम संबंधी संसदीय समिति ईएसआई और ईपीएफ के फायदे प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या और वेतन के मानदंडों को समाप्त करने की वकालत कर रही है ताकि प्रवासी श्रमिकों को इनका लाभ मिल सके जो लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

बीजू जनता दल के सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली समिति असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए योजनाओं का दायरा बढ़ाने की वकालत कर रही है।

यह भी पढ़े | Kerala Gold Smuggling Case: NIA कोर्ट ने आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को भेजा 14 दिन की रिमांड पर, सोमवार को आएगा COVID-19 रिजल्ट.

कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं हैं।

बीमा योजना के तहत 21 हजार रुपये मासिक वेतन वाले कर्मचारी ईएसआई में 1.75 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं वहीं नियोक्ता 4.75 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं। इस कवरेज का लाभ कम से कम 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को मिलता है।

यह भी पढ़े | राजस्थान में सियासी संकट: चीफ मिनिस्टर अशोक गहलोत के घर पर सोमवार को सुबह 10:30 बजे होगी बैठक, दिल्ली से नेता जयपुर रवाना.

इसी तरह ईपीएफ उन सभी कंपनियों के लिए होता है जिनमें 20 या उससे अधिक कर्मचारी 15 हजार रुपये से कम मासिक वेतन पा रहे हैं। इस योजना के तहत नियोक्ता बेसिक का 12 प्रतिशत देता है और इतना ही योगदान कर्मचारी का होता है।

महताब ने कहा कि समिति के सदस्यों की भावना है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी खासतौर पर लॉकडाउन के बाद बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\