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देश की खबरें | संसद सुरक्षा चूक मामला: दिल्ली की अदालत ने नीलम आजाद को जमानत देने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपी नीलम आजाद की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और उन पर भारत की संप्रभुता और अखंडता को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था।

देश की खबरें | संसद सुरक्षा चूक मामला: दिल्ली की अदालत ने नीलम आजाद को जमानत देने से इनकार किया

नयी दिल्ली, 18 जनवरी दिल्ली की एक अदालत ने संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपी नीलम आजाद की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और उन पर भारत की संप्रभुता और अखंडता को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने कहा कि मामले में प्राथमिकी आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (निरोधक) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

न्यायाधीश ने कहा, “वर्तमान मामले में जांच प्रारंभिक चरण में है। आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं क्योंकि उस पर अन्य सह-अभियुक्त व्यक्तियों के साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता को बाधित करने में शामिल होने का आरोप है।”

उन्होंने कहा कि जांच क्योंकि प्रारंभिक चरण में है इसलिए यह जमानत के लिए उपयुक्त मामला नहीं है।

न्यायाधीश ने कहा, “उपरोक्त चर्चाओं के मद्देनजर, आवेदक/अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रकृति और गंभीरता तथा जांच के प्रारंभिक चरण को देखते हुए, मुझे आवेदक/अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने का यह उपयुक्त मामला नहीं लगता है। मौजूदा जमानत याचिका खारिज की जाती है।”

अदालत ने शनिवार को आजाद, मनोरंजन डी, सागर शर्मा, ललित झा, अमोल शिंदे और महेश कुमावत सहित मामले के सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोपियों की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया था।

संसद पर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़ी सुरक्षा चूक में दो व्यक्ति - सागर शर्मा और मनोरंजन डी - शून्यकाल के दौरान लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए। साथ ही उन दोनों ने नारे लगाते हुए एक ‘केन’ से पीला धुआं फैलाया था। कुछ सांसदों ने इसी दौरान इन दोनों को पकड़ लिया था।

लगभग इसी समय अमोल शिंदे और नीलम आजाद ने संसद भवन परिसर के बाहर ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाते हुए ‘केन’ से रंगीन धुआं फैलाया था।

चारों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि झा और कुमावत को बाद में घटना में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2024 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).